Tuesday, May 5, 2026
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फेयर इलेक्शन की तैयारी: आयोग ने कसी ट्रांसफर नीति की लगाम

विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा एक्शन: इलेक्शन कमीशन ने किया सिस्टम री-सेट, अफसरों की कंफर्ट पोस्टिंग खत्म

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (Election Commission of India) ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने साफ कर दिया है कि अब चुनाव से पहले कंफर्ट पोस्टिंग नहीं चलेगी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय से एक ही जगह जमे अधिकारियों को हटाया जाएगा।
चुनाव आयोग ने इन पांचों राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि चुनाव प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को न तो उनके गृह जिले (Home District) में तैनात किया जाए और न ही ऐसी जगह जहां वे कई वर्षों से पोस्टेड हैं। यह फैसला फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने और चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले लिया गया है, ताकि प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह न्यूट्रल रहे।

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निष्पक्ष चुनाव के लिए सख्त निर्देश
इलेक्शन कमीशन ने अपने पत्र में कहा है कि इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई–जून में समाप्त हो रहा है और संविधान के अनुसार इससे पहले नई विधानसभा का गठन अनिवार्य है। ऐसे में फ्री एंड फेयर इलेक्शन के लिए यह जरूरी है कि चुनाव से जुड़े अफसर किसी भी तरह के स्थानीय प्रभाव या पक्षपात से दूर रहें।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह ट्रांसफर पॉलिसी केवल उन्हीं अधिकारियों पर लागू होगी, जो सीधे तौर पर इलेक्शन ड्यूटी में शामिल होंगे। जिन कर्मचारियों की भूमिका चुनाव से जुड़ी नहीं है, उन्हें इस दायरे से बाहर रखा गया है।

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किन्हें मिलेगी छूट
चुनाव आयोग के अनुसार:
सरकारी डॉक्टर, इंजीनियर, टीचर, प्रिंसिपल जैसे पदों पर तैनात कर्मियों का ट्रांसफर इस नीति के तहत जरूरी नहीं है।
स्टेट हेडक्वार्टर में तैनात अधिकारी और सेक्टर ऑफिसर/जोनल मजिस्ट्रेट, जिनकी चुनाव में अहम भूमिका होती है, उन पर भी यह नियम लागू नहीं होगा।
लापरवाह अफसरों पर सख्ती
इलेक्शन कमीशन ने यह भी साफ कर दिया है कि जिन अधिकारियों पर पिछले चुनावों में लापरवाही, अनियमितता या गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, या जिनके खिलाफ डिसिप्लीनरी एक्शन पेंडिंग है, उन्हें इस बार चुनाव से जुड़ा कोई काम नहीं सौंपा जाएगा। इससे यह संकेत साफ है कि आयोग किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
चुनावी तैयारी में पारदर्शिता पर जोर
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह फैसला वोटर लिस्ट सुधार, प्रशासनिक निष्पक्षता और चुनाव की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा। खासकर पश्चिम बंगाल जैसे संवेदनशील राज्यों में यह कदम चुनावी माहौल को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभा सकता है।

33 हजार वोल्ट की लाइन पर चोरों का धावा: 6 पोल से 1800 मीटर तार गायब, बिजली विभाग में मचा हड़कंप


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जिले में बिजली व्यवस्था की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है। फरेंदा से बृजमनगंज को जोड़ने वाली 33 हजार वोल्ट (33 केवी) हाईटेंशन लाइन चोरी का मामला सामने आने के बाद पूरे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। अज्ञात चोरों ने मेन लाइन के 6 पोल से लगभग 1800 मीटर बिजली तार चोरी कर लिया, जिससे न केवल विभाग को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है बल्कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा भी बढ़ गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दिनों बृजमनगंज विद्युत उपकेंद्र की सप्लाई करखीं से संचालित हो रही थी, जबकि आनंदनगर से बृजमनगंज आने वाली 33 केवी लाइन बंद पड़ी थी। इसी निष्क्रिय और सुनसान स्थिति का फायदा उठाकर शातिर चोरों ने पूरी योजना के साथ इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी लंबी लाइन से तार काटना और ले जाना एक व्यक्ति के बस की बात नहीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस हाईटेंशन लाइन चोरी में संगठित गिरोह शामिल हो सकता है।

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रात के अंधेरे में सुनियोजित वारदात
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय क्षेत्र में नियमित गश्त नहीं होने के कारण असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं। 33 हजार वोल्ट की लाइन से 1800 मीटर तार काटने के लिए चोरों को काफी समय और संसाधन लगे होंगे, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। यह घटना बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक की ओर इशारा करती है।
बिजली विभाग और पुलिस की कार्रवाई
अवर अभियंता बृजमनगंज सुशील कुमार त्रिपाठी ने फरेंदा थाने में तहरीर देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संभावित कबाड़ कारोबारियों व पुराने अपराधियों से पूछताछ की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह केवल चोरी नहीं, बल्कि विद्युत अवसंरचना पर सीधा हमला है।

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आर्थिक नुकसान और बिजली संकट की आशंका
इस 33 केवी लाइन चोरी से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। यदि जल्द मरम्मत और तार प्रतिस्थापन का कार्य पूरा नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में बृजमनगंज और आसपास के इलाकों में बिजली संकट गहरा सकता है। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने व दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
अब बड़ा सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 33 हजार वोल्ट की लाइन से 1800 मीटर तार चोरी करने वाला गिरोह कब पुलिस की पकड़ में आएगा? फिलहाल यह मामला जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

बौद्ध दर्शन और संस्कृति को जोड़ता पालि साहित्य

अद्वितीय है भारतीय ज्ञान परंपरा में पालि साहित्य का योगदान, गोरखपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न


गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने और उसे वैश्विक संदर्भ में प्रस्तुत करने में पालि साहित्य की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पालि साहित्य पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी विश्वविद्यालय के संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग तथा उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें देशभर के विद्वानों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने सहभागिता की।
उद्घाटन सत्र: पालि साहित्य भारतीय बौद्धिक विरासत की आधारशिला
संगोष्ठी के उद्घाटन एवं प्रथम सत्र का संचालन डॉ कुलदीपक शुक्ल ने किया। कार्यक्रम की संरक्षिका और कुलपति प्रो पूनम टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में पालि साहित्य का योगदान अद्वितीय है। यह साहित्य न केवल बौद्ध दर्शन को समझने का माध्यम है, बल्कि नैतिकता, करुणा और सामाजिक समरसता का भी सशक्त आधार प्रस्तुत करता है। उन्होंने भविष्य में अन्य विश्वविद्यालयों के साथ अकादमिक सहयोग बढ़ाने और पालि साहित्य के शोध को सुदृढ़ करने पर बल दिया।

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विभागाध्यक्ष डॉ कीर्ति पाण्डेय ने स्वागत भाषण में कहा कि पालि साहित्य दर्शन, नैतिक चिंतन और समाज सुधार की परंपरा को जीवंत रखता है। मुख्य वक्ता प्रो रामनक्षत्र प्रसाद (पूर्व कुलपति, नव नालंदा महाविहार विश्वविद्यालय) ने पालि साहित्य के दार्शनिक, साहित्यिक और व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन डॉ देवेंद्र पाल ने किया।
द्वितीय सत्र: पुरातत्व, संस्कृति और पालि ग्रंथ
द्वितीय चर्चा सत्र का संचालन डॉ देवेंद्र पाल ने किया। मुख्य वक्ता प्रो सुजाता गौतम (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) ने पालि साहित्य और भारतीय संस्कृति के अंतर्संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने अष्टांगिक मार्ग की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि पालि साहित्य भारतीय समाज को नैतिक दिशा प्रदान करता है। इस अवसर पर कई वरिष्ठ विद्वान और शोधकर्ता मंचासीन रहे, जिससे सत्र अकादमिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रहा।
तृतीय सत्र: शांति, सहअस्तित्व और समरसता का संदेश
अंतिम सत्र का संचालन स्मिता द्विवेदी ने किया। सत्र की अध्यक्षता करते हुए डॉ अरुणा शुक्ला (लखनऊ विश्वविद्यालय) ने कहा कि पालि साहित्य आज के समय में शांति और सहअस्तित्व का मार्ग प्रशस्त करता है। मुख्य वक्ता डॉ यशवंत राठौर (निदेशक, बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर) ने पुरातत्व और पालि साहित्य के आपसी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए ‘मिलिंदपन्हो’ जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों का उल्लेख किया।

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शोध प्रस्तुतियां और राष्ट्रीय सहभागिता
संगोष्ठी के दौरान विश्वविद्यालय के लगभग 20 शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। साथ ही एक समानांतर ऑनलाइन सत्र में बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड, जम्मू, लेह-लद्दाख और असम सहित विभिन्न राज्यों के विद्वानों ने भाग लिया। कुल मिलाकर 35 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत हुए, जिससे यह आयोजन पालि साहित्य राष्ट्रीय संगोष्ठी के रूप में यादगार बन गया।
समापन अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ कुलदीपक शुक्ल ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विधिक जागरूकता से सशक्त समाज की ओर देवरिया का कदम

महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण, वृद्धजनों के अधिकारों पर जागरूकता अभियान


देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा) समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण तथा वृद्धजनों के अधिकारों के संरक्षण को केंद्र में रखते हुए व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं, बालिकाओं और वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाना रहा।
दिनांक 10 फरवरी 2026 को यह कार्यक्रम माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जनपद न्यायाधीश देवरिया धनेन्द्र प्रताप के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/सिविल जज (एस.डी.) श्रीमती शैलजा मिश्रा द्वारा किया गया।
वृद्धजनों के अधिकारों पर विशेष फोकस
कार्यक्रम का पहला चरण पूरवा मेहड़ा स्थित वृद्धा आश्रम में आयोजित किया गया। यहां वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं, उत्पीड़न से संरक्षण और निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
श्रीमती शैलजा मिश्रा ने कहा कि बुजुर्ग समाज की धरोहर हैं और उनका अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक होता है। महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान और सुरक्षा देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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आश्रम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश द्वारा आश्रम में रह रहे संवासियों से व्यक्तिगत संवाद कर भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवास की स्थिति का जायजा लिया गया। व्यवस्थाओं की सराहना के साथ-साथ समस्याओं को गंभीरता से सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इससे वृद्धजनों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई।
महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण
कार्यक्रम के दूसरे चरण में कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज में महिलाओं और बालिकाओं के लिए विशेष विधिक साक्षरता अभियान चलाया गया। छात्राओं को उनके संवैधानिक अधिकार, शिक्षा का अधिकार, लैंगिक समानता, महिला सुरक्षा कानून, पॉक्सो अधिनियम और घरेलू हिंसा से संरक्षण जैसे विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी गई।
श्रीमती मिश्रा ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण केवल कानून की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और समाज में सम्मानजनक भागीदारी का माध्यम भी है।
समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल
यह अभियान न्याय को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण तथा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर केंद्रित ऐसे कार्यक्रम समाज में सामाजिक संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और विधिक जागरूकता को बढ़ावा दे रहे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया की यह पहल निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगी।

राजनीति, सिनेमा और साहित्य की अपूरणीय क्षति

🕯️ 11 फरवरी को हुए प्रमुख निधन: इतिहास के पन्नों में दर्ज महान व्यक्तित्व
📜राजनीति, सिनेमा और साहित्य की अपूरणीय क्षति 11 फरवरी को हुए निधन: भारतीय इतिहास के अमर नाम

भारतीय इतिहास में 11 फरवरी को हुए निधन ने राजनीति, साहित्य, सिनेमा, संगीत और स्वतंत्रता आंदोलन के कई युगपुरुषों को हमसे छीन लिया। इन महान व्यक्तित्वों का योगदान आज भी समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में प्रेरणा देता है। आइए जानते हैं 11 फरवरी के निधन से जुड़े प्रमुख नामों और उनके जीवन योगदान के बारे में विस्तार से।

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🏛️ दीनदयाल उपाध्याय (निधन: 11 फरवरी 1968)
दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के प्रमुख विचारक और राष्ट्रवादी राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने एकात्म मानववाद का सिद्धांत दिया, जो भारतीय राजनीति में वैचारिक आधार बना। उनका निधन रहस्यमय परिस्थितियों में हुआ, जो आज भी चर्चा का विषय है।
🎬 कमाल अमरोही (निधन: 11 फरवरी 1993)
हिंदी सिनेमा के महान फिल्म निर्माता-निर्देशक कमाल अमरोही ने पाकीज़ा जैसी कालजयी फिल्म दी। उनकी फिल्मों में शायरी, सौंदर्य और संवेदना का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। 11 फरवरी को हुए निधन में सिनेमा जगत की यह बड़ी क्षति थी।

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🇮🇳 जमनालाल बजाज (निधन: 11 फरवरी 1942)
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उद्योगपति और गांधीवादी विचारधारा के प्रबल समर्थक जमनालाल बजाज ने सामाजिक सुधार और स्वदेशी आंदोलन को मजबूती दी। वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निकट सहयोगी रहे।
🎼 घंटासला वेंकटेश्वर राव (निधन: 11 फरवरी 1974)
दक्षिण भारतीय सिनेमा, विशेषकर तमिल फिल्म संगीत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले घंटासला राव अपनी मधुर आवाज़ और शास्त्रीय शैली के लिए प्रसिद्ध थे।

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📚 पंडित नरेंद्र शर्मा (निधन: 11 फरवरी 1989)
हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि, लेखक और संपादक पंडित नरेंद्र शर्मा ने कई फिल्मों के लिए भी अमर गीत लिखे। उनका साहित्य आज भी पाठकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है।
🎥 रवि टंडन (निधन: 11 फरवरी 2022)
रवि टंडन हिंदी फिल्म और टीवी जगत के जाने-माने निर्देशक थे। उन्होंने सामाजिक विषयों पर आधारित कई यादगार कृतियाँ दीं।

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🎞️ प्रबाती घोष (निधन: 11 फरवरी 2018)
प्रबाती घोष भारतीय सिनेमा की शुरुआती महिला फिल्म निर्माताओं में शामिल थीं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक मुद्दों को सिनेमा के माध्यम से आवाज़ दी।
✍️ विष्णु विराट (निधन: 11 फरवरी 2015)
हिंदी और ब्रज भाषा के प्रतिष्ठित विद्वान, गीता-दोहाकार विष्णु विराट ने साहित्य को सरल और जनमानस से जोड़ने का कार्य किया।
📖 हरिकृष्ण ‘जौहर’ (निधन: 11 फरवरी 1945)
हिंदी के आरंभिक उपन्यासकारों में गिने जाने वाले हरिकृष्ण ‘जौहर’ ने आधुनिक हिंदी कथा साहित्य की नींव मजबूत की।

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🏛️ फ़ख़रुद्दीन अली अहमद (निधन: 11 फरवरी 1977)
भारत के पाँचवें राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद का कार्यकाल ऐतिहासिक रहा। वे भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे जिनका निधन कार्यकाल के दौरान हुआ।
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क्या आप जानते हैं 11 फरवरी को जन्मे इन दिग्गजों के बारे में?

आज का इतिहास: 11 फ़रवरी को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व
11 फरवरी को जन्मे व्यक्ति भारतीय इतिहास, राजनीति, साहित्य और स्वतंत्रता संग्राम में विशेष स्थान रखते हैं। इस दिन जन्मे कई महान व्यक्तियों ने देश को नई दिशा दी। आइए जानते हैं 11 फरवरी को जन्मे व्यक्ति और उनके योगदान के बारे में विस्तार से।
🏹 तिलका मांझी (जन्म: 1750)
तिलका मांझी को भारतीय स्वाधीनता संग्राम का पहला शहीद माना जाता है। उन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ संथाल विद्रोह का नेतृत्व किया और अंग्रेजी शासन को सशक्त चुनौती दी।

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✍️ गोपी चंद नारंग (जन्म: 1931)
गोपी चंद नारंग हिंदी-उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित विद्वान, साहित्यिक आलोचक और सिद्धांतकार थे। उन्हें साहित्य अकादमी और ज्ञानपीठ जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया।
🗳️ राव इन्द्रजीत सिंह (जन्म: 1950)
राव इन्द्रजीत सिंह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वे केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं और हरियाणा की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं।

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⚖️ आर. वी. एस. पेरी शास्त्री (जन्म: 1929)
आर. वी. एस. पेरी शास्त्री भारत के भूतपूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त रहे। उन्होंने भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
🚩 टी. नागि रेड्डी (जन्म: 1917)
टी नागि रेड्डी एक प्रसिद्ध भारतीय क्रांतिकारी थे। वे सामाजिक न्याय और श्रमिक अधिकारों के लिए आजीवन संघर्षरत रहे।

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📰 सुरेन्द्रनाथ द्विवेदी (जन्म: 1913)
उड़ीसा के प्रख्यात राजनीतिज्ञ, पत्रकार और समाजसेवी रहे सुरेन्द्रनाथ द्विवेदी स्वतंत्र भारत की वैचारिक राजनीति के मजबूत स्तंभ थे।
🔥 दामोदर स्वरूप सेठ (जन्म: 1901)
दामोदर स्वरूप सेठ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सक्रिय क्रांतिकारी थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ कई आंदोलनों में भाग लिया।

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📌 क्यों खास है 11 फ़रवरी?
11 फरवरी को जन्मे व्यक्ति भारत की राजनीति, साहित्य, प्रशासन और स्वतंत्रता आंदोलन में अमिट छाप छोड़ चुके हैं। यह दिन प्रेरणा, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक है।

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विश्व और भारत की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ

11 फ़रवरी का इतिहास क्यों है खास?
11 फ़रवरी का इतिहास विश्व राजनीति, स्वतंत्रता आंदोलनों, अंतरराष्ट्रीय समझौतों, सामाजिक परिवर्तन और वैज्ञानिक-सांस्कृतिक उपलब्धियों से भरपूर रहा है। इस दिन घटित घटनाओं ने न केवल अपने समय को प्रभावित किया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की दिशा भी तय की।
इतिहास के पन्नों में 11 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ सत्ता परिवर्तन, उपनिवेशवाद, लोकतंत्र, मानवाधिकार, युद्ध और वैश्विक कूटनीति का आईना दिखाती हैं।
📜 11 फ़रवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ (Chronological History)

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🏰 मध्यकालीन एवं औपनिवेशिक दौर
1543 – इंग्लैंड और रोम के बीच फ़्रांस के विरुद्ध समझौता, यूरोपीय शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव।
1613 – मुग़ल शासक जहांगीर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को सूरत में व्यापारिक कारखाना खोलने की अनुमति दी।
1720 – स्वीडन और ईरान के बीच शांति समझौता, कूटनीतिक स्थिरता की पहल।

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⚔️ युद्ध, कब्ज़ा और सत्ता संघर्ष
1798 – फ़्रांस ने रोम पर कब्ज़ा किया, यूरोप में सत्ता समीकरण बदले।
1814 – नॉर्वे ने स्वतंत्रता की घोषणा की।
1944 – जर्मन सेना ने इटली के अप्रिलिया पर दोबारा कब्ज़ा किया।
🏛️ लोकतंत्र, संविधान और राजनीति
1794 – अमेरिकी सीनेट की कार्यवाही पहली बार आम जनता के लिए खोली गई।
1889 – जापान में संविधान लागू हुआ।
1919 – फ्रेडरिक एबर्ट जर्मनी के राष्ट्रपति बने।
1975 – मार्गरेट थैचर ब्रिटिश कंजरवेटिव पार्टी की पहली महिला नेता चुनी गईं।

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मानवाधिकार और सामाजिक आंदोलन
1916 – एमा गोल्डमैन को बर्थ कंट्रोल पर भाषण देने के लिए गिरफ्तार किया गया।
1933 – महात्मा गांधी द्वारा ‘हरिजन वीकली’ का प्रकाशन शुरू।
1990 – नेल्सन मंडेला 28 वर्षों बाद जेल से रिहा हुए।

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🌍 आधुनिक वैश्विक घटनाएँ
1979 – ईरान में अयातुल्ला खमैनी का सत्ता पर कब्ज़ा।
2007 – हिंडाल्को द्वारा अमेरिकी कंपनी नॉवलिस का अधिग्रहण।
2018 – रूस में सारातोव एयरलाइन्स विमान दुर्घटना, 71 लोगों की मौत।

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🔍 11 फ़रवरी का इतिहास: क्यों ज़रूरी है जानना?
11 फ़रवरी का इतिहास हमें बताता है कि कैसे:
व्यापार ने उपनिवेशवाद को जन्म दिया
लोकतंत्र ने जनता को सत्ता में भागीदार बनाया
सामाजिक आंदोलनों ने मानवाधिकारों को मज़बूती दी
अंतरराष्ट्रीय समझौतों ने वैश्विक शांति की दिशा तय की

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📌 निष्कर्ष
11 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ इतिहास की वह कड़ी हैं जो अतीत, वर्तमान और भविष्य को जोड़ती हैं। यह दिन सत्ता, संघर्ष, सुधार और मानव चेतना के विकास का प्रतीक है।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)
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आज का पंचांग : तिथि-नक्षत्र देखकर ही करें शुभ कार्य

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आज का पंचांग: 11 फरवरी 2026, बुधवार | तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ-अशुभ समय की पूरी जानकारी आज का पंचांग 11 फरवरी 2026, बुधवार को धार्मिक, ज्योतिषीय और शुभ कार्यों की योजना बनाने वालों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंचांग के अनुसार आज कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र, और चंद्रमा वृश्चिक राशि में संचार कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी शुभ कार्य से पहले राहुकाल और तिथि-नक्षत्र का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है।

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🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: 07:03 प्रात:
सूर्यास्त: 06:08 सायं
🌙 आज की तिथि
नवमी तिथि: सुबह 09:58 बजे तक
पक्ष: कृष्ण पक्ष
आज का नक्षत्र
अनुराधा नक्षत्र: सुबह 10:53 बजे तक

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🌌 चंद्रमा की स्थिति
चंद्र राशि: वृश्चिक
आज चंद्रमा का वृश्चिक राशि में संचार भावनात्मक निर्णयों में सावधानी रखने का संकेत देता है।
⚠️ आज का राहुकाल (शुभ कार्य वर्जित)
दोपहर 12:36 बजे से 01:59 बजे तक
इस समय के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नई शुरुआत, निवेश या मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।

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🔯 योग
व्याघात योग: रात 02:30 बजे (12 फरवरी) तक 📆 संवत विवरण
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
🔍 आज का पंचांग क्यों है जरूरी?
आज का पंचांग न केवल धार्मिक अनुष्ठानों बल्कि दैनिक जीवन के निर्णय, यात्रा, व्यापार, परीक्षा और निवेश जैसे कार्यों में भी मार्गदर्शन देता है। आज का पंचांग, राहुकाल, नक्षत्र, और तिथि जानकर व्यक्ति समय का सही उपयोग कर सकता है।

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📌 विशेष सूचना (अस्वीकरण)
यह जानकारी सामान्य धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार के प्रमाणित या व्यक्तिगत भविष्यवाणी का दावा नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित योग्य विशेषज्ञ या पंडित से परामर्श अवश्य लें।

आज का अंक ज्योतिष: कौन-सा मूलांक रहेगा सबसे भाग्यशाली

🔮 आज का अंक ज्योतिष: मूलांक 1 से 9 का विस्तृत भविष्यफल, जानें आज का शुभ उपाय और प्रभाव
अंक ज्योतिष (Numerology Today in Hindi) के अनुसार जन्म तिथि के आधार पर व्यक्ति का मूलांक तय होता है, जो उसके स्वभाव, सोच, करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालता है।
आज का दिन किन मूलांकों के लिए शुभ रहेगा और किन्हें सतर्क रहने की जरूरत है, आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 का आज का अंक राशिफल विस्तार से।

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☀️ मूलांक 1 (जन्म तिथि 1, 10, 19, 28)
सूर्य देव द्वारा शासित मूलांक 1 वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और निर्णय क्षमता मजबूत होगी। युवा वर्ग अपने व्यक्तित्व में निखार लाने के लिए नए प्रयास करेगा, जिससे आत्मविकास की दिशा तय होगी।
शुभ प्रभाव:
मानसिक संतुलन बना रहेगा
नेतृत्व क्षमता में वृद्धि
कार्यक्षेत्र में पहचान
उपाय: तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें।
🌙 मूलांक 2 (जन्म तिथि 2, 11, 20, 29)
चंद्र देव के प्रभाव से मूलांक 2 के जातकों को आज मानसिक शांति और एकाग्रता प्राप्त होगी। विद्यार्थियों के लिए दिन बेहद अनुकूल है। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।
शुभ प्रभाव:
पढ़ाई में मन लगेगा
धन लाभ के योग
भावनात्मक स्थिरता
उपाय: शिवलिंग पर दूध से अभिषेक करें।

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📿 मूलांक 3 (जन्म तिथि 3, 12, 21, 30)
बृहस्पति ग्रह से प्रभावित मूलांक 3 वालों को आज कार्यक्षेत्र में अधिक ध्यान और धैर्य रखने की आवश्यकता है। योजनाओं पर पूरा फोकस करने से भविष्य में अच्छे परिणाम मिलेंगे।
शुभ प्रभाव:
ज्ञान में वृद्धि
करियर में स्थिरता
सही निर्णय की क्षमता
उपाय: विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
मूलांक 4 (जन्म तिथि 4, 13, 22, 31)
राहु देव के प्रभाव में आज कार्यस्थल पर संतुलित व्यवहार अत्यंत आवश्यक है। समय पर कार्य पूरा करने से वरिष्ठ अधिकारियों का भरोसा जीत सकते हैं।
शुभ प्रभाव:
प्रोफेशनल ग्रोथ
नई जिम्मेदारियां
कार्यकुशलता में सुधार
उपाय: मां सरस्वती की आराधना करें।
🧠 मूलांक 5 (जन्म तिथि 5, 14, 23)
बुध ग्रह के प्रभाव से मूलांक 5 वालों को आज पारिवारिक और व्यावसायिक जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। घर का सकारात्मक वातावरण तनाव कम करेगा।
शुभ प्रभाव:
मानसिक मजबूती
संवाद कौशल में सुधार
पारिवारिक सहयोग
उपाय: फिटकरी से दांत साफ करें।
💖 मूलांक 6 (जन्म तिथि 6, 15, 24)

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शुक्र देव के प्रभाव से आज मित्रता प्रेम में बदल सकती है। भावनाओं में बहने की बजाय समझदारी से निर्णय लें।
शुभ प्रभाव:
प्रेम संबंध मजबूत
आकर्षण में वृद्धि
रचनात्मकता बढ़ेगी
उपाय: जीवनसाथी को उपहार दें।
🕉️ मूलांक 7 (जन्म तिथि 7, 16, 25)
केतु देव के प्रभाव से आज पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। संतान पक्ष से खुशी मिलेगी। विदेश से जुड़े व्यापार में बड़ा अवसर मिल सकता है।
शुभ प्रभाव:
पारिवारिक सुख
आध्यात्मिक झुकाव
विदेशी कारोबार में लाभ
उपाय: गणेश जी की आराधना करें।
⚖️ मूलांक 8 (जन्म तिथि 8, 17, 26)
शनि देव के प्रभाव में आज निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। हालांकि माता के स्वास्थ्य और आर्थिक उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क रहना होगा।
शुभ प्रभाव:
आत्मसंयम बढ़ेगा
अनुभव से लाभ
मानसिक परिपक्वता
उपाय: सरसों के तेल का दान करें।
🔥 मूलांक 9 (जन्म तिथि 9, 18, 27)
मंगल देव से प्रभावित मूलांक 9 वालों के लिए आज आय के नए स्रोत बनने के योग हैं। युवाओं के करियर में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है।
शुभ प्रभाव:
आर्थिक मजबूती
करियर ग्रोथ
साहस में वृद्धि
उपाय: मंदिर में देसी चीनी का दान करें।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं करते। किसी भी निर्णय से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

बुधवार का राशिफल: गणेश कृपा से कौन सी राशि होगी मालामाल?

🔮 11 फरवरी 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक जानें आज का दिन कैसा रहेगा

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुल 12 राशियां होती हैं और ग्रह-नक्षत्रों की चाल से प्रतिदिन का राशिफल निर्धारित किया जाता है।
11 फरवरी 2026, बुधवार का दिन है। बुधवार को भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गणपति बप्पा की आराधना करने से बुद्धि, धन और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 11 फरवरी का राशिफल कुछ राशियों के लिए लाभकारी रहेगा, जबकि कुछ को सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक का आज का राशिफल।
♈ मेष राशि (Aries)
आज स्वयं की तुलना दूसरों से करने से बचें। प्रेम जीवन में रोमांस बना रहेगा। पुराने मित्रों या नेटवर्किंग से नए अवसर मिल सकते हैं। छात्रों के लिए सफलता का मंत्र है रट्टा नहीं, डीप लर्निंग।
♉ वृषभ राशि (Taurus)
आज जल्दबाजी में खर्च न करें। सोच-समझकर आर्थिक योजना बनाएं। सेहत पर ध्यान देना जरूरी है। लंबे समय से पेंडिंग कार्य पूरे करने के लिए आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे।

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♊ मिथुन राशि (Gemini)
ऑफिस में आपके कार्यों की सराहना होगी। धन लाभ के संकेत हैं। जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आत्मविश्वास भी उसी अनुपात में मजबूत होगा।
कर्क राशि (Cancer)
रोमांटिक लाइफ में सकारात्मक बदलाव दिखेगा। लव कनेक्शन मजबूत होगा। यात्रा या वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
सिंह राशि (Leo)
आज जल्दबाजी में निर्णय न लें। जीवन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। रोमांस के योग हैं। किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षण हो सकता है जो ज्ञान और समझ में आपसे मेल खाता हो।
कन्या राशि (Virgo)
नए रिश्तों की तलाश से पहले अपनी जरूरतों को समझें। ऐसी जीवनशैली अपनाएं जो आपको सच्ची खुशी दे—चाहे वह नया शौक हो, दोस्त हों या नई खोजें।

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तुला राशि (Libra)
दयालुता से कठिन परिस्थितियों का सामना करने पर आप अधिक सशक्त बनेंगे। विलासिता की चाह बढ़ सकती है। किसी अजनबी से बातचीत रोमांचक साबित हो सकती है।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
अप्रत्याशित रिश्तों के लिए दिल खुला रखें। ब्रह्मांड आपके लिए नए अवसर ला सकता है। खुले दिमाग से सोचें और मौके को पहचानें।
धनु राशि (Sagittarius)
कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी विवाद या गलतफहमी को समझदारी से सुलझाएं। साथी की बात ध्यान से सुनें और संतुलित प्रतिक्रिया दें।

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मकर राशि (Capricorn)
रिश्तों में पर्सनल ग्रोथ का दुर्लभ अवसर मिलेगा। खुद को बेहतर समझें और दूसरों की अपेक्षाओं में दबे बिना सकारात्मक बदलाव करें।
कुंभ राशि (Aquarius)
आज आपकी खुशी आपको दूसरों के लिए आकर्षक बनाएगी। अपनी प्राथमिकताओं को महत्व दें और नए लोगों से मिलने के लिए खुद को तैयार रखें।
मीन राशि (Pisces)
आज खुद के बॉस बनने जैसा अनुभव हो सकता है। हर काम में प्रेम और स्वतंत्रता का एहसास करें। स्वयं द्वारा बनाए गए बंधनों से बाहर निकलने का समय है।
⚠️ डिस्क्लेमर
इस आलेख में दी गई जानकारियां ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित हैं। हम किसी भी प्रकार के पूर्णतः सत्य या प्रमाणित होने का दावा नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित क्षेत्र के योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

बेलसरा गांव में वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, ग्रामीणों को मिली योजनाओं की जानकारी

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्देशानुसार 9 फरवरी से 13 फरवरी तक देशभर में मनाए जा रहे वित्तीय साक्षरता सप्ताह के तहत चिलकहर विकास खंड के बेलसरा गांव में वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं और वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ आरबीआई के लोकल डेवेलपमेंट ऑफिसर (एलडीओ) श्रवण कुमार, जिला अग्रणी प्रबंधक सुशील कुमार एवं ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक हैदर अली द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर संयुक्त रूप से किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को केवाईसी (नो योर कस्टमर) अपडेट कराने के लाभ, उसकी प्रक्रिया एवं इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि केवाईसी अद्यतन न होने की स्थिति में बैंकिंग सेवाओं में बाधा आ सकती है, इसलिए समय-समय पर इसे अपडेट कराना अत्यंत आवश्यक है।साथ ही भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं—प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, अटल पेंशन योजना तथा मुद्रा लोन—के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इन योजनाओं के माध्यम से आमजन किस प्रकार कम प्रीमियम में बीमा सुरक्षा, भविष्य के लिए बचत एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं, इस पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अग्रणी प्रबंधक सुशील कुमार ने कहा कि वित्तीय साक्षरता आज के समय की एक बुनियादी आवश्यकता है। यह न केवल लोगों को अपने धन का सही प्रबंधन करना सिखाती है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर भी अग्रसर करती है। उन्होंने ग्रामीणों से बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।आरबीआई के एलडीओ श्रवण कुमार ने केवाईसी अद्यतन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं का निर्बाध लाभ लेने के लिए केवाईसी का अपडेट रहना बेहद जरूरी है। वहीं ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक हैदर अली ने कहा कि अपने धन की सही जानकारी और समझ ही वित्तीय साक्षरता का मूल उद्देश्य है।इस अवसर पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एफएलसीसी अनिल शुक्ला ने बैंकिंग फ्रॉड से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी और लोगों को साइबर ठगी व धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी।कार्यक्रम में ग्राम प्रधान वशिष्ठ नारायण, अनिल सिंह, राम प्रवेश, रविंद्र सिंह, अनिल, शंभू नाथ गिरी, वीरेंद्र भारती (ग्राम विकास अधिकारी), शुभम ओझा, विनोद, आदित्य, राकेश, ज्ञानी, विजयपाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नितेश पाठक ने किया।

देवरिया में धारा 163 लागू: दो माह तक निषेधाज्ञा, कानून-व्यवस्था सख्त

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और आगामी त्योहारों, परीक्षाओं व संभावित भीड़ को देखते हुए यह अहम फैसला लिया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत पूरे जनपद में 10 फरवरी 2026 से 9 अप्रैल 2026 तक निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी।प्रशासन के मुताबिक देवरिया में धारा 163 लागू होने के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग केवल तय मानकों के अनुसार ही किया जा सकेगा। किसी भी प्रकार से धार्मिक भावनाओं को आहत करने, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, भड़काऊ पोस्टर लगाने, नारेबाजी करने या सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति किसी भी प्रकार के हथियार, अस्त्र-शस्त्र या विस्फोटक सामग्री लेकर चलना प्रतिबंधित होगा। हालांकि सिख समुदाय के लोगों द्वारा कृपाण धारण करने तथा वृद्ध, दिव्यांग, बीमार और दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए लाठी के प्रयोग पर रोक नहीं होगी।परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। देवरिया में धारा 163 लागू रहने की अवधि में परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़, लाउडस्पीकर का उपयोग और मोबाइल फोन, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। इसके साथ ही परीक्षा अवधि में फोटोस्टेट और स्कैनर की दुकानें भी बंद रहेंगी।प्रशासन ने साफ किया है कि यह आदेश जनहित में एहतियातन लागू किया गया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।

सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर कार्यशाला, बच्चों और युवाओं को साइबर सुरक्षा के लिए किया गया जागरूक

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)कलेक्ट्रेट सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन गोपनीयता और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को लेकर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों को बढ़ते ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करना रहा।अपर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में बताया कि सुरक्षित इंटरनेट दिवस हर वर्ष फरवरी माह के दूसरे मंगलवार को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को, विशेषकर बच्चों और युवाओं को, साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल गोपनीयता के प्रति सतर्क करना है। इस वर्ष की थीम “ऑनलाइन घोटालों से स्वयं और दूसरों की रक्षा करना” रखी गई है।उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, फेसबुक और नेट बैंकिंग के माध्यम से साइबर फ्रॉड की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आवश्यकता से अधिक इंटरनेट उपयोग हमें जोखिम में डाल सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को मोबाइल फोन का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार ही करने दें।कार्यशाला के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को बाल विवाह उन्मूलन की शपथ भी दिलाई गई। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष की कठोर सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।जिला सूचना विज्ञान अधिकारी आशीष मौर्या ने इंटरनेट सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। उन्होंने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA), संदिग्ध लिंक से बचाव, पब्लिक वाई-फाई पर वीपीएन के उपयोग और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर को सक्रिय रखने की सलाह दी।कार्यशाला में कलेक्ट्रेट एवं विकास भवन के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

यातायात पुलिस का सख्त अभियान, 129 वाहनों का ई-चालान, 2 वाहन सीज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)देवरिया जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस द्वारा व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में शहर के प्रमुख इलाकों में विशेष अभियान संचालित किया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।अभियान के तहत कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों की गहन जांच की गई। जिन ई-रिक्शा चालकों के पास वैध दस्तावेज पाए गए, उनके वाहनों पर नियमानुसार नंबरिंग कराई गई। वहीं नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों पर मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत ई-चालान की कार्रवाई की गई।यातायात पुलिस ने गोरखपुर ओवरब्रिज, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड और बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थानों पर सड़क किनारे वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले अनुबंधित बसों, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके अलावा न्यू कॉलोनी स्थित डॉक्टर गुलाम रसूल, आस्था हॉस्पिटल तथा साकेत नगर स्थित डॉक्टर दाऊद अंसारी के सामने नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों का भी चालान किया गया।Deoria Traffic Police Checking Drive के दौरान कुल 129 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि नियमों के गंभीर उल्लंघन में 2 वाहनों को सीज किया गया। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।यातायात पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

सेफर इंटरनेट डे–2026 पर कुशीनगर में साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग पर जनपद स्तरीय कार्यशाला

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। सेफर इंटरनेट डे–2026 के अवसर पर कुशीनगर जनपद में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर जनपद स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने की।
कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं तकनीकी कार्मिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित प्रयोग, साइबर खतरों की पहचान तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से इंटरनेट सुरक्षा, साइबर हाइजीन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े जोखिमों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में फिशिंग ई-मेल, ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, नकली कस्टमर केयर कॉल, रिमोट एक्सेस स्कैम, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड तथा डीपफेक जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इनसे बचाव के लिए ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सख्त सलाह दी गई।
कार्यशाला में यह भी स्पष्ट किया गया कि कोई भी सरकारी विभाग या बैंक वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी या भुगतान की मांग नहीं करता। साइबर अपराध की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को तुरंत साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर शिकायत दर्ज करने या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की जानकारी दी गई।
इसके साथ ही मजबूत पासवर्ड अपनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने, केवल अधिकृत ऐप स्टोर से ही एप डाउनलोड करने तथा सार्वजनिक वाई-फाई के सुरक्षित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने कहा कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को आमजन तक पहुंचाकर सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने की अपील कीl