Friday, March 13, 2026
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आगरा में विकास कार्यों की होगी परत-दर-परत जांच, अधिकारियों को समयबद्ध रिपोर्ट का निर्देश

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के बाद फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बैठक के उपरांत उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में अनियमितता, शिकायत या गुणवत्ता संबंधी सवाल सामने आए हैं, उनकी जांच के लिए तत्काल कमेटियां गठित की जाएं और निर्धारित समयसीमा के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत की जाए।
बैठक में विकास योजनाओं की पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। गंगाजल प्रोजेक्ट, मध्याह्न भोजन योजना, स्वच्छ भारत अभियान के तहत सफाई कर्मियों की नियुक्ति, कृषि विभाग द्वारा उपकरण वितरण तथा स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं पर गंभीरता से समीक्षा की गई।
गंगाजल परियोजना की गुणवत्ता को लेकर विशेष चिंता व्यक्त की गई और निर्माण कार्यों की जांच के लिए स्वतंत्र कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए। निर्माण एजेंसी द्वारा कराए गए कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और समयबद्धता की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। स्पष्ट किया गया कि जनहित से जुड़े किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी व अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। बच्चों को परोसा जाने वाला भोजन पौष्टिक, स्वच्छ और मानकों के अनुरूप हो—इस पर विशेष बल दिया गया। किसी भी विद्यालय में अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कृषि विभाग द्वारा वितरित उपकरणों, लाभार्थियों की सूची और बीमा योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि वास्तविक पात्र किसानों को ही लाभ मिले और किसी प्रकार की अपारदर्शिता या पक्षपात न हो।
स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच के लिए कमेटी गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप और पारदर्शी हो, इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपकरण, एक्स-रे मशीन, दवाओं तथा स्टाफ की उपलब्धता की भी समीक्षा की जाएगी। जहां कमी पाई जाए, वहां तत्काल सुधार कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हो सकें।
इसके अतिरिक्त तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जांच कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक संपत्ति को मुक्त कराना और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना प्राथमिकता बताया गया है।
बैठक के अंत में सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि जांच से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं होगी। निर्धारित समयसीमा में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। दिशा बैठक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सर्वोपरि है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बच्चों के विवाद में मारपीट, युवक समेत तीन घायल

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l थाना क्षेत्र के बढ़ौना हर्दो चौराहे पर बच्चों के आपसी झगड़े को लेकर दो पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि जमकर मारपीट हो गई। घटना में एक युवक सहित दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

बताया जा रहा है कि बरहज थाना क्षेत्र के पैना एकड़गा निवासी मोहन चौहान दो दिन पूर्व देवसिया से इंटरमीडिएट की परीक्षा देकर घर लौट रहा था। बरेजी पुल के पास कुछ लोगों ने किसी बात को लेकर उसकी पिटाई कर दी। घटना की सूचना पीड़ित ने मईल थाने को दी थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले में सुलह-समझौते के लिए वह रविवार सुबह करीब 10 बजे घर से मईल थाना जा रहा था। अभी वह बढ़ौना हर्दो चौराहे पर पहुंचा ही था कि पहले से घात लगाए बैठे दर्जनभर लोगों ने उस पर हमला कर दिया। युवक की चीख-पुकार सुनकर घर की महिलाएं मौके पर पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें भी लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया।

मारपीट में लालमोहन चौहान (18) पुत्र सूर्यनाथ चौहान, लालती देवी (55) पत्नी नंदलाल चौहान और कमलावती (50) पत्नी राजेंद्र चौहान घायल हो गए।

इस संबंध में थाना अध्यक्ष विशाल उपाध्याय ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

रेट आवेदन प्रक्रिया पूरी, त्रुटि सुधार आज तक होगा

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश हेतु आयोजित शोध पात्रता परीक्षा (RET) 2025 के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस वर्ष विभिन्न शोध कार्यक्रमों के लिए कुल 2918 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस बार फुल टाइम सीटों के लिए 2768 तथा पार्ट टाइम शोध हेतु 150 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
यह जानकारी देते हुए प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि त्रुटिपूर्ण आवेदनों में सुधार के लिए आज से ऑनलाइन करेक्शन विंडो खोल दिया गया है जिस पर 2 मार्च तक अभ्यर्थी त्रुटियां ठीक कर सकेंगे। सुधार के दौरान अभ्यर्थियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
इस सत्र में 866 फुलटाइम और 55 पार्टटाइम सीटों के अलावा स्ववित्तपोषित कार्यक्रम की 90 सीटों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
इस वर्ष सर्वाधिक आवेदन हिंदी में आए हैं जहां 305 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसके अलावा राजनीति विज्ञान में 282, और शिक्षाशास्त्र में 263 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
अन्य विषयों में जन्तु विज्ञान (168), वाणिज्य (167), विधि (156), भूगोल (144), मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास (138), अंग्रेजी (124), समाजशास्त्र (123), वनस्पति विज्ञान (107), प्राचीन इतिहास (97), गणित (78), रसायन विज्ञान (65), मनोविज्ञान (65), संस्कृत (61), व्यावसायिक प्रशासन (57), बायोटेकनोलॉजी (56), गृह विज्ञान (56), अर्थशास्त्र (49), भौतिक विज्ञान (49), फार्मेसी (30), रक्षा अध्ययन (23), विजुअल आर्ट्स (23), शारीरिक शिक्षा (20), माइक्रोबायोलॉजी (17), पर्यावरण विज्ञान (15), कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (13), कंप्यूटर साइंस (12), दर्शनशास्त्र (12), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (8), इलेक्ट्रॉनिक्स (5), सूचना प्रौद्योगिकी (4) और मैकेनिकल इंजीनियरिंग (1) तथा कृषि संकाय के अंतर्गत 12 विभिन्न विषयों में कुल 125 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि शोध पात्रता परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस माह परीक्षा आयोजित करने के साथ साथ प्रयास यह होगा कि अगले माह तक साक्षात्कार और अंतिम प्रवेश कार्य पूरे कर लिए जाएं।

अभ्यर्थियों हेतु करेक्शन विंडो (1-2 मार्च)
विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को अपने आवेदन में सुधार करने के लिए 1 और 2 मार्च 2026 को करेक्शन विंडो उपलब्ध कराई है। सुधार की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी की जा सकती है:
प्रोफाइल अपडेट:
अभ्यर्थी पोर्टल पर लॉगिन कर ‘Open Profile’ के माध्यम से अपना विवरण अपडेट कर सकते हैं।
कार्यक्रम एवं शैक्षणिक सुधार:
अभ्यर्थी ‘Update Programme Selection’ के माध्यम से वेटेज और प्रोग्राम मोड बदल सकते हैं, तथा ‘Update Academic Details’ से अपनी शैक्षणिक जानकारी संशोधित कर सकते हैं।
दस्तावेज़ सुधार:
‘Update Upload’ विकल्प के माध्यम से गलत अपलोड हुए दस्तावेज़ों को बदला जा सकता है।
शुल्क:
सुधार के दौरान अभ्यर्थियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे 2 मार्च तक सभी आवश्यक सुधार सुनिश्चित कर लें, क्योंकि इसके बाद किए गए बदलाव ही अंतिम माने जाएंगे।

3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण, 4 मार्च को पूरे भारत में मनाई जाएगी होली

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l आगामी 3 मार्च 2026, मंगलवार को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा, जो भारत में ग्रसोदित खंड चंद्रग्रहण के रूप में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण का प्रारंभ दोपहर 3:20 बजे, मध्य 5:04 बजे और मोक्ष सायं 6:47 बजे होगा। चंद्रोदय लगभग 5:59 बजे होने के कारण भारत में ग्रहण का प्रारंभ नहीं दिखेगा, केवल मोक्ष ही दृश्य होगा। इसके अगले दिन 4 मार्च 2026, बुधवार को पूरे देश में होली (बसंत उत्सव) मनाई जाएगी।

आचार्य पंडित रवि कुमार पाठक के अनुसार यह चंद्रग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। चंद्रास्त के समय ग्रहण का प्रभाव अर्जेंटीना, पराग्वे, बोलीविया, ब्राज़ील, ग्रीनलैंड और उत्तरी अटलांटिक महासागर में देखा जाएगा, जबकि चंद्रोदय के समय रूस, कजाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत, श्रीलंका, मालदीव और हिंद महासागर क्षेत्र में इसका अंतिम चरण दृष्टिगोचर होगा।

ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी। भारत के सुदूर पूर्वी भागों में खग्रास चंद्रग्रहण का मोक्ष दिखाई देगा, जबकि शेष क्षेत्रों में खंड चंद्रग्रहण का मोक्ष ही देखा जा सकेगा।

होलिका दहन 2 मार्च 2026, सोमवार को फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी के दिन होगा। रात्रि में भद्रा होने के कारण भद्रापुच्छ काल रात्रि 12:50 से 2:02 बजे के मध्य होलिका दहन का शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया है। ग्रहण के अगले दिन प्रतिपदा तिथि में होली का पर्व उल्लासपूर्वक मनाया जाएगा।

अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटी पिंक बस, दो युवक गंभीर घायल

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के कोतवाली क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बुधा कला चौराहे के पास लखनऊ से गोरखपुर जा रही सरकारी पिंक सेवा बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे में बाइक सवार दो युवक बस की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बस में सवार कई यात्रियों को भी हल्की चोटें आईं।
बताया जा रहा है कि बस में कुल 43 यात्री सवार थे। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश घायलों को घर भेज दिया गया, जबकि दो गंभीर रूप से घायल युवकों को बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
हादसे के बाद कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने नियंत्रित कर सुचारु कराया। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

होली से पहले देवरिया के स्वास्थ्य केंद्रों पर अलर्ट, सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण

देवरिया,(राष्ट्र की परम्परा)जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोरमा कन्होली और रामलक्षन का औचक दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, दवा उपलब्धता, लैब जांच, स्वच्छता और आपातकालीन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
होली पर्व के मद्देनजर सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष सतर्कता बरतने और आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य व्यवस्था चाक-चौबंद रहनी चाहिए, ताकि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके।
खोरमा कन्होली पीएचसी पर सेवाएं संतोषजनक
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण के दौरान सीएमओ सबसे पहले पीएचसी खोरमा कन्होली पहुंचे। यहां चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मी अपनी ड्यूटी पर मौजूद मिले। ओपीडी में मरीजों की नियमित जांच हो रही थी।
सीएमओ ने मरीजों से संवाद कर उपचार की गुणवत्ता और व्यवहार के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि मरीजों के साथ सौम्य और संवेदनशील व्यवहार रखें, क्योंकि बेहतर संवाद से ही मरीजों का भरोसा मजबूत होता है।
दवा भंडारण कक्ष का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध सभी आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में स्टॉक में रहें। किसी भी मरीज को दवा के अभाव में वापस न लौटना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए।
लैब जांच और रिपोर्टिंग प्रणाली की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान सीएमओ लैब पहुंचे और लैब तकनीशियन से विभिन्न जांचों की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आवश्यक पैथोलॉजी जांचें समय पर की जाएं और रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही गुणवत्तापूर्ण जांच और उपचार सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें जिला अस्पताल या निजी केंद्रों पर निर्भर न रहना पड़े।
स्वच्छता और अनुशासन पर विशेष बल
सीएमओ ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि वार्ड, ओपीडी कक्ष, दवा वितरण केंद्र और शौचालयों में नियमित स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण संक्रमण रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में अनुशासन और व्यवस्थित कार्यप्रणाली बनाए रखें, जिससे मरीजों को सुव्यवस्थित सेवाएं मिल सकें।
रामलक्षन पीएचसी में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण के क्रम में सीएमओ ने पीएचसी रामलक्षन का भी दौरा किया। यहां भी चिकित्सक और अन्य स्टाफ अपनी ड्यूटी पर उपस्थित मिले। ओपीडी में मरीजों का उपचार नियमित रूप से किया जा रहा था।
सीएमओ ने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान संभावित आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था मजबूत रखें। उन्होंने कहा कि जलने, चोट लगने, एलर्जी या मौसमी बीमारियों के मामलों में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए।
होली के मद्देनजर विशेष तैयारी
होली के दौरान दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका को देखते हुए सीएमओ ने सभी पीएचसी और सीएचसी को सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवाएं सक्रिय रहें और गंभीर मरीजों के लिए रेफरल व्यवस्था सुचारु हो।
उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहें। त्योहार के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकतम लाभार्थियों तक पहुंचे आरोग्य मेला
सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक ग्रामीण आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि मेले में आने वाले लोगों को विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दें।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, रक्तचाप और शुगर जांच, तथा अन्य सामान्य रोगों की जांच को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चर्चा
निरीक्षण के दौरान जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल भी मौजूद रहे। सीएमओ ने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए प्राथमिक स्तर पर ही सतर्कता आवश्यक है।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण से स्पष्ट है कि जिला स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय है। नियमित निरीक्षण और निगरानी से न केवल सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आमजन का विश्वास भी बढ़ेगा।
सीएमओ ने अंत में कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्र अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

थाने का वार्षिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में थाना रामपुर कारखाना का वार्षिक निरीक्षण संपन्न हुआ। निरीक्षण का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनन्द कुमार पाण्डेय ने किया। इस दौरान थाना परिसर की प्रशासनिक, तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

निरीक्षण नियमित वार्षिक प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य थानों की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करना, लंबित मामलों की समीक्षा करना तथा रिकॉर्ड प्रबंधन और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाना है।

सबसे पहले थाना कार्यालय में विभिन्न रजिस्टरों, अपराध पंजिका, लंबित विवेचनाओं और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की विस्तार से जांच की गई। निर्देश दिया गया कि सभी अभिलेख अद्यतन और सुव्यवस्थित रखे जाएं, ताकि किसी भी प्रकरण में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया गया।

निरीक्षण के दौरान मालखाना की स्थिति की भी गंभीरता से समीक्षा की गई। पुराने मुकदमाती माल, जब्त सामान और अन्य साक्ष्यों के सुरक्षित रख-रखाव की जानकारी ली गई। प्रत्येक वस्तु का विधिवत अभिलेखीकरण तथा सूची का नियमित अद्यतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निस्तारण योग्य माल के संबंध में विधिक प्रक्रिया के तहत समयबद्ध कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।

हवालात का निरीक्षण करते हुए बंदियों की सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का परीक्षण किया गया। बंदियों के अधिकारों और सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

थाना परिसर स्थित मेस और बैरक की साफ-सफाई एवं अनुशासन व्यवस्था की समीक्षा की गई। पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि उनकी कार्यक्षमता और मनोबल सुदृढ़ रहे।

शस्त्रागार में उपलब्ध शस्त्रों की स्थिति, साफ-सफाई और नियमित परीक्षण की जानकारी ली गई। सभी शस्त्रों को मानकानुसार सुरक्षित एवं कार्यशील स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए, ताकि आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।

सीसीटीएनएस कार्यालय का निरीक्षण करते हुए अपराध संबंधी सूचनाओं की ऑनलाइन प्रविष्टि और डेटा अपडेट की समीक्षा की गई। सभी प्रकरणों की समय पर ऑनलाइन एंट्री और डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी तथा थानाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने थाना क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और लंबित मामलों की जानकारी दी।

अंत में स्पष्ट किया गया कि पारदर्शी कार्यप्रणाली, समयबद्ध विवेचना और सुदृढ़ रिकॉर्ड प्रबंधन से ही कानून-व्यवस्था मजबूत की जा सकती है। आमजन की शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण पर विशेष बल दिया गया। यह वार्षिक निरीक्षण पुलिस प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही का प्रतीक माना जा रहा है।

होली 2026: उज्ज्वला लाभार्थियों को फ्री गैस रिफिल सब्सिडी

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)l होली के पावन पर्व से पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार ने गरीब परिवारों की महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए के अंतर्गत निःशुल्क गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन , लखनऊ में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किया गया, जिसका सजीव प्रसारण जनपद कुशीनगर में भी कराया गया।

जनपद कुशीनगर में कार्यक्रम प्राथमिक विद्यालय (इंग्लिश मीडियम) सोहरौना में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में उज्ज्वला योजना की महिला लाभार्थियों ने भागीदारी की। इस दौरान 400 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से सब्सिडी चेक वितरित किए गए।

होली जैसे बड़े त्योहार पर रसोई गैस रिफिल की सुविधा से हजारों परिवारों को राहत मिली है। कार्यक्रम में उपस्थित सांसद विजय कुमार दूबे ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार का यह निर्णय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं को मिट्टी के चूल्हे के धुएं से मुक्ति दिलाकर स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वस्थ जीवन जी सकें। यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी है।

जिला प्रशासन के अनुसार जनपद कुशीनगर में कुल 3,13,567 उज्ज्वला योजना लाभार्थी पंजीकृत हैं। ये सभी लाभार्थी विभिन्न तेल विपणन कंपनियों के माध्यम से योजना का लाभ प्राप्त करेंगे।

कार्यक्रम में विधायक विनय प्रकाश गोड, विधायक मोहन वर्मा, विधायक विवेकानन्द पाण्डेय, पूर्व जिलाध्यक्ष नन्दकिशोर मिश्रा तथा जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर भी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने इसे गरीब कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

बीपीसीएल के जिला समन्वयक एवं विक्रय अधिकारी श्याम स्वरूप ने लाभार्थियों को योजना की जानकारी देते हुए बताया कि जिन लाभार्थियों ने पिछले एक वर्ष में 7 गैस सिलेंडर रिफिल ले लिए हैं, उन्हें अगली सब्सिडी के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मौके पर ही लाभार्थियों की शंकाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने योजना के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि त्योहार के समय गैस सिलेंडर की कीमत परिवार के बजट पर अतिरिक्त बोझ डालती है, लेकिन इस पहल से उन्हें राहत मिली है। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

विशेषज्ञों के अनुसार पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाला धुआं महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से गैस कनेक्शन मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में श्वसन संबंधी बीमारियों में कमी देखी गई है। यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी है।

कार्यक्रम का संचालन जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पाण्डेय ने किया। इस दौरान क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी राजीव कुमार, तेल कंपनियों के प्रतिनिधि, गैस एजेंसियों के प्रबंधक एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। लाभार्थियों के लिए चाय एवं नाश्ते की व्यवस्था भी की गई थी।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से युद्ध रोकने की अपील, ज्यूडिशियल काउंसिल ने मांगा त्वरित हस्तक्षेप

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)l वैश्विक समुदाय से तात्कालिक अपील करते हुए ज्यूडिशियल काउंसिल ने औपचारिक रूप से को पत्र लिखकर , और के बीच तेजी से बढ़ते सैन्य टकराव को रोकने के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है। परिषद के पत्र में इस संघर्ष के विनाशकारी मानवीय, कानूनी और भू-राजनीतिक परिणामों पर जोर देते हुए कहा गया है कि आगे जान-माल की हानि रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानून की रूपरेखा को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कार्रवाई आवश्यक है।

यह अपील ऐसे समय आई है जब 28 फरवरी 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के भीतर लक्ष्यों पर सैन्य हमलों की श्रृंखला शुरू किए जाने के बाद मध्य पूर्व में तनाव नाटकीय रूप से बढ़ गया। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता और सैन्य कर्मियों की मृत्यु की सूचना है। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइली क्षेत्र और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों पर मिसाइल हमले किए, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है तथा वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।

सुरक्षा परिषद को लिखे पत्र में ज्यूडिशियल काउंसिल ने तत्काल युद्धविराम, सशक्त कूटनीतिक प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति नई प्रतिबद्धता की आवश्यकता पर बल दिया है। परिषद ने बिगड़ती मानवीय स्थिति, नागरिक हताहतों की बढ़ती संख्या और संघर्ष के मध्य पूर्व से बाहर फैलने की आशंका पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जो नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर कर सकती है।

ज्यूडिशियल काउंसिल के अध्यक्ष राजीव अग्निहोत्री ने कहा कि दुनिया मूकदर्शक बनकर नहीं खड़ी रह सकती जबकि युद्ध पूरे क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले रहा है। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा, कानूनी मानकों की रक्षा और वार्ता के मार्ग को पुनः स्थापित करने के लिए तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की मांग की।

परिषद के सचिव संजय अरोड़ा ने कहा कि इतिहास आज लिए गए निर्णयों के आधार पर विश्व नेतृत्व का मूल्यांकन करेगा। उन्होंने सुरक्षा परिषद से साहस और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने तथा मानवता को अनियंत्रित युद्ध की भयावहता से बचाने की अपील की।

DVR कांड में साक्ष्य मिटाने की साजिश बेनकाब: शालिनी–संज़ीव की मुश्किलें बढ़ीं, दो बाबू और रडार पर

सबूतों के ‘कातिल’ और साहिबा के ‘सिपहसालार’ बेनकाब: DVR कांड में विभाग के दो शातिर बाबू रडार पर, साक्ष्य मिटाने के ‘खेल’ ने बढ़ाई शालिनी-संजीव की मुश्किलें!

बलिया से प्रयागराज तक पुलिस का डेरा; सीओ गोरखनाथ की रडार पर एक दर्जन कर्मचारी, ‘सफेदपोश’ सिंडिकेट में भगदड़, फोन पर बात करने से भी कतरा रहे कर्मचारी!

विशेष संवाददाता
गौरव कुशवाहा

देवरिया/गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा ) शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में अब वह समय आ गया है जब ‘साजिश की परतों’ के पीछे छिपे चेहरों का हिसाब होगा। निलंबन और पहली गिरफ्तारी के बाद, गोरखपुर पुलिस ने अब अपना शिकंजा उन ‘अपराध के सहयोगियों’ पर कस दिया है जिन्होंने वर्दी को चुनौती देते हुए सरकारी दफ्तर में साक्ष्यों की डकैती डाली थी। फाइल 01 मार्च 01 के अनुसार, पुलिस ने उस DVR कांड का पर्दाफाश कर दिया है, जिसके तहत 20 फरवरी की महत्वपूर्ण फुटेज गायब करने की कोशिश की गई थी। इस मामले में शालिनी श्रीवास्तव के बेहद करीबी दो बाबुओं को गोरखपुर पुलिस ने तलब किया है, जिन पर नई हार्ड डिस्क लगाने और पुरानी गायब करने का संगीन आरोप है।

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फुटेज का ‘राजफाश’: पुलिस के पास सुरक्षित है डेथ-विजुअल?

​जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि 20 फरवरी को जब शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह अपनी व्यथा लेकर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव से मिलने पहुंचे थे, तो वह पूरी मुलाकात सीसीटीवी में कैद हो गई थी। सूत्रों की मानें तो जांच टीमों ने इस फुटेज का बैकअप पहले ही एक पेनड्राइव में सुरक्षित कर लिया था। यही वजह रही कि जब अगले दिन शातिर बाबुओं ने हार्ड डिस्क बदलकर सबूत मिटाने की कोशिश की, तो 5 घंटे की गहन जांच में पुलिस ने इस ‘डिजिटल चोरी’ को पकड़ लिया। एसपी सिटी अभिनव त्यागी के कड़े रुख ने उन बाबुओं को ‘सदमे’ में डाल दिया है जिन्होंने मैडम की वफादारी में अपना भविष्य दांव पर लगा दिया।

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सीओ गोरखनाथ की रडार पर एक दर्जन नाम

​विवेचना संभालते ही सीओ गोरखनाथ ने जांच की रफ्तार को ‘एक्सप्रेस’ गति दे दी है। जेल जा चुके बिचौलिए अनिरुद्ध सिंह द्वारा उगले गए राज अब विभाग के दर्जनों कर्मचारियों के गले की फांस बनने वाले हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह पुष्टि हो चुकी है कि फरार बाबू संजीव सिंह, शिक्षक कृष्ण मोहन, अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह के बीच लगातार संवाद हो रहा था। यह संवाद काम के लिए नहीं, बल्कि दाम के लिए था। सूत्रों का दावा है कि विभाग के भीतर एक ऐसा डर व्याप्त है कि वसूलीबाज कर्मचारी अब आपस में फोन पर बात करने तक से कतरा रहे हैं; गुप्त स्थानों पर छिपकर मुलाकातों का दौर चल रहा है।

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चार जिलों में दबिश, पर ‘लोकेशन’ बनी पहेली

​निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें देवरिया, बलिया, लखनऊ और प्रयागराज में खाक छान रही हैं। शातिर आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर रखे हैं, जिससे पुलिस को ‘लोकेशन’ ट्रेस करने में तकनीकी बाधा आ रही है। हालांकि, एसपी सिटी ने स्पष्ट किया है कि घेराबंदी पुख्ता है और आरोपियों की संख्या बढ़ना तय है। पुलिस अब उन ‘मददगारों’ की सूची बना रही है जिन्होंने फरारी के दौरान आरोपियों को पनाह दी या वित्तीय सहायता पहुंचाई।

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खबर की पृष्ठभूमि में वह ‘बलिया कनेक्शन’ अब भी हावी है, जिसने इस पूरे सिंडिकेट को खाद-पानी दिया। शालिनी और संजीव की क्षेत्रीय निकटता ने सरकारी दफ्तर को उगाही केंद्र बना दिया था। डीएम दिव्या मित्तल और सीडीओ राजेश कुमार सिंह की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अब पुलिस के लिए ‘रोडमैप’ का काम कर रही है। अब सवाल यह है कि क्या साक्ष्य मिटाने वाले ये बाबू सरकारी गवाह बनेंगे या फिर ‘साहिबा’ के साथ जेल की सलाखों के पीछे जाएंगे?

नेपाल चुनाव को लेकर सीमा पर सख्ती,भारत– नेपाल समन्वय समिति की अहम बैठक

02 मार्च की मध्य-रात्रि से सामान्य आवागमन रहेगा बंद,आपात सेवाएं जारी

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। भारत–नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारत–नेपाल समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक 22 वीं बटालियन एसएसबी के कैंप कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में नेपाल में प्रस्तावित आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता और कड़ी निगरानी रखने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की, जिसमें पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना, 22 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारी तथा भारत और नेपाल के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने नेपाल से भारत आने वाले मुख्य मार्गों के साथ-साथ ग्रामीण पगडंडियों पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एसएसबी, स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों को अराजक तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नेपाली प्रशासन के साथ सतत समन्वय बनाए रखने को कहा।नेपाली प्रशासन के अनुरोध पर यह सहमति बनी कि 02 मार्च की मध्यरात्रि से नेपाल–भारत सीमा पर सामान्य आवागमन अस्थायी रूप से बंद रहेगा। हालांकि, आवश्यक और आपातकालीन सेवाएं—जैसे एंबुलेंस, पेट्रोलियम पदार्थ, एलपीजी गैस और अन्य जरूरी आपूर्ति—दोनों देशों के प्रशासन के आपसी समन्वय से निर्बाध रूप से संचालित होती रहेंगी।जिलाधिकारी ने नेपाली प्रशासन को आश्वस्त किया कि आगामी चुनाव शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए भारत की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए संयुक्त रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
सीमा क्षेत्र में बढ़ाई जा रही यह सतर्कता आगामी चुनावों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और भारत–नेपाल के मधुर संबंधों को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

त्योहारों से पहले ट्रैफिक पर कड़ा पहरा, सड़कों पर उतरी यातायात पुलिस

एसपी के निर्देश पर जनपद में चला सघन जागरूकता व प्रवर्तन अभियान

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह विशेष अभियान पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और आमजन में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मार्गदर्शन में प्रभारी यातायात अपनी टीम के साथ शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और वाहन स्टैंडों पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों को रोक कर नियमों की जानकारी दी, पम्पलेट वितरित किए और सुरक्षित सफर का संदेश दिया।
आगामी त्योहारों के मद्देनज़र शिकारपुर, सिंदुरिया, नगर क्षेत्र, रोडवेज परिसर और चौपरिया स्थित बस, टैक्सी, टैम्पो व ई-रिक्शा स्टैंडों पर विशेष सघन अभियान चलाया गया। इस दौरान चालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे बाईं ओर वाहन चलाएं, रॉन्ग साइड ड्राइविंग से बचें, निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं तथा शराब पीकर वाहन चलाने की गलती बिल्कुल न करें।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने, दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया चालकों के लिए सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया।
अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई भी की गई। पुलिस प्रशासन ने दो टूक कहा कि जागरूकता के साथ-साथ नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जनपद में चलाया गया यह अभियान त्योहारों के दौरान सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

2 मार्च का: इतिहास में आज के दिन जन्मीं महान हस्तियाँ

2 मार्च को जन्मे व्यक्ति: इतिहास में आज जन्मीं महान हस्तियाँ
2 मार्च को जन्मे व्यक्ति भारतीय इतिहास, खेल, राजनीति, शिक्षा और सिनेमा जगत में विशेष स्थान रखते हैं। इस दिन कई ऐसी विभूतियों ने जन्म लिया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। आइए जानते हैं 2 मार्च को जन्मे व्यक्ति और उनके उल्लेखनीय योगदान के बारे में विस्तार से।

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🏹 जयन्त तालुकदार (1986) – भारतीय तीरंदाजी के सितारे
जयन्त तालुकदार का जन्म 2 मार्च 1986 को हुआ। वे भारत के प्रतिष्ठित तीरंदाजों में गिने जाते हैं।
उन्होंने 2006 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
जयन्त तालुकदार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उनकी सफलता ने भारत में तीरंदाजी को नई पहचान दिलाई। 2 मार्च को जन्मे व्यक्ति के रूप में उनका नाम खेल इतिहास में सम्मान से लिया जाता है।

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🎓 मनोरंजन साहू (1953) – आयुर्वेद और क्षारसूत्र चिकित्सा के विशेषज्ञ
मनोरंजन साहू का जन्म 2 मार्च 1953 को हुआ। वे Banaras Hindu University के आयुर्वेद संकाय के पूर्व प्रमुख और शल्य चिकित्सा विभाग के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं।
वे क्षारसूत्र चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञ माने जाते हैं। आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान ने अनेक विद्यार्थियों और चिकित्सकों को प्रेरित किया। 2 मार्च को जन्मे व्यक्ति के रूप में उनका नाम चिकित्सा जगत में सम्मानपूर्वक लिया जाता है।
🏛 बसंत सिंह खालसा (1932) – राजनीतिक जीवन की पहचान
बसंत सिंह खालसा का जन्म 2 मार्च 1932 को हुआ। वे भारतीय राजनीति से जुड़े रहे और जनसेवा के लिए पहचाने गए।
उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। 2 मार्च को जन्मे व्यक्ति के रूप में उनका योगदान लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने में महत्वपूर्ण रहा।

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🗳 पी. के. वासुदेवन नायर (1926) – वामपंथी राजनीति के प्रमुख चेहरा
पी. के. वासुदेवन नायर का जन्म 2 मार्च 1926 को हुआ था। वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े प्रमुख नेता थे और केरल की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने सामाजिक न्याय और श्रमिक हितों के लिए कार्य किया। 2 मार्च को जन्मे व्यक्ति के रूप में उनका राजनीतिक जीवन प्रेरणादायक माना जाता है।
🎬 गुलशन राय (1924) – हिंदी सिनेमा के सफल निर्माता
गुलशन राय का जन्म 2 मार्च 1924 को हुआ। वे हिंदी फिल्म उद्योग के प्रसिद्ध निर्माता और वितरक थे।
उन्होंने कई सफल फिल्मों का निर्माण किया और बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। 2 मार्च को जन्मे व्यक्ति के रूप में उनका नाम फिल्म उद्योग में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

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📜 2 मार्च का ऐतिहासिक महत्व
2 मार्च को जन्मे व्यक्ति विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता का प्रतीक रहे हैं। खेल, शिक्षा, राजनीति और सिनेमा — हर क्षेत्र में इस दिन जन्मीं हस्तियों ने देश और समाज को नई दिशा दी।
इतिहास में 2 मार्च को जन्मे व्यक्ति आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

2 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: आइए जानते हैं इतिहास में आज के दिन क्या-क्या हुआ

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2 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ विश्व और भारत के इतिहास में कई अहम राजनीतिक, कूटनीतिक और सामरिक निर्णयों की साक्षी रही हैं। आज का इतिहास 2 मार्च हमें उन फैसलों की याद दिलाता है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी। आइए जानते हैं 2 मार्च का इतिहास विस्तार से।

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1995 – इक्वाडोर और पेरू के बीच समझौता
1995 में दक्षिण अमेरिका के देशों Ecuador और Peru के बीच सीमा विवाद को लेकर चल रहा सशस्त्र संघर्ष समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण समझौता हुआ। यह समझौता दोनों देशों के बीच शांति बहाली की दिशा में निर्णायक कदम साबित हुआ। 2 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ में यह कूटनीतिक सफलता विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
1997 – चीन का रक्षा बजट बढ़ा
1997 में China ने अपने रक्षा बजट में 12 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की। इस निर्णय ने एशिया में सामरिक संतुलन को लेकर वैश्विक चर्चा को जन्म दिया। 2 मार्च का इतिहास बताता है कि यह कदम चीन की सैन्य आधुनिकीकरण नीति का अहम हिस्सा था।

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1999 – अमेरिका ने गुप्त समझौते की खबर का खंडन किया
1999 में United States ने इस खबर का खंडन किया कि उसने व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) पर हस्ताक्षर को लेकर India के साथ कोई गुप्त समझौता किया है। 2 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ में यह मामला वैश्विक परमाणु राजनीति से जुड़ा अहम अध्याय है।
2000 – आगस्टो पिनोशे की स्वदेश वापसी
2000 में चिली के पूर्व सैन्य शासक Augusto Pinochet को United Kingdom द्वारा रिहा किए जाने के बाद वे स्वदेश लौटे। यह घटना मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून के संदर्भ में व्यापक बहस का कारण बनी। आज का इतिहास 2 मार्च इस राजनीतिक घटनाक्रम को विशेष रूप से दर्ज करता है।

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2002 – राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन की शुरुआत
2002 में ऑस्ट्रेलिया के कूलम में राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन आरंभ हुआ। इसमें Pakistan को पुनः शामिल करने से इनकार किया गया। इसी दिन Palestine ने Israel से सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की। 2 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ में यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का बड़ा मोड़ था।
2006 – भारत-अमेरिका ऐतिहासिक परमाणु समझौता
2006 में नई दिल्ली में India और United States के बीच ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौता संपन्न हुआ। उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति George W. Bush भारत यात्रा पर थे। 2 मार्च का इतिहास इस समझौते को भारत की वैश्विक ऊर्जा और सामरिक नीति में मील का पत्थर मानता है।

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2008 – अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम
2008 में हमास प्रमुख Ismail Haniyeh के कार्यालय पर इज़रायली विमानों ने हमला किया।
इसी वर्ष Mahmoud Ahmadinejad ऐतिहासिक यात्रा पर Iraq पहुंचे।
नेपाल सरकार ने पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों में स्वायत्तता की मांग कर रहे समूहों से समझौता किया।
2 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ वैश्विक राजनीति के इन महत्वपूर्ण पलों को दर्ज करती हैं।

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2009 – 15वीं लोकसभा चुनाव की घोषणा
2009 में Election Commission of India ने 15वीं लोकसभा के चुनाव 16 अप्रैल से 13 मई के बीच पांच चरणों में कराने की घोषणा की।
इसी दिन Reliance Industries Limited और Reliance Petroleum के विलय प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
आज का इतिहास 2 मार्च भारतीय लोकतंत्र और उद्योग जगत की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
2 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ बताती हैं कि यह दिन अंतरराष्ट्रीय समझौतों, सैन्य निर्णयों, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और वैश्विक कूटनीति के लिए खास रहा है। 2 मार्च का इतिहास हमें याद दिलाता है कि हर दिन अपने भीतर अनेक ऐतिहासिक परिवर्तन समेटे रहता है।

पीस कमेटी की बैठक

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

सिकंदरपुर क्षेत्र में आगामी होली और ईद को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस चौकी सिकंदरपुर के प्रांगण में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न समुदायों के गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। अधिकारियों ने सभी से मिल-जुलकर त्योहार मनाने और क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने की अपील की।
बैठक को संबोधित करते हुए दुर्गेश् कुमार (नायब तहसीलदार सिकंदरपुर) ने कहा कि होली और ईद दोनों ही पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि सिकंदरपुर की पहचान यहां की गंगा-जमुनी तहजीब से है, जिसे हर हाल में कायम रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं मूलचंद चौरसिया (थानाध्यक्ष, सिकंदरपुर) ने कहा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं है और किसी को भी कानून से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और त्योहारों को शांति व सद्भाव के साथ मनाने की अपील की।चौकी प्रभारी अश्वनी कुमार मिश्र ने बताया कि त्योहारों को देखते हुए पुलिस द्वारा क्षेत्र में लगातार चक्रमण किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।बैठक में उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि सिकंदरपुर की सामाजिक एकता और भाईचारे की परंपरा को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा। इस अवसर पर राकेश सिंह, राकेश यादव, भीष्म यादव,विहारी पाण्डेय,भोलू पाण्डेय, फेजी अहमद, बब्लू मास्टर सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे। अंत में अधिकारियों ने सभी को मिल-जुलकर, प्रेम और शांति के साथ होली और ईद मनाने की शुभकामनाएं दीं।