झारखंड हाईकोर्ट ने संस्थान पर ₹20 लाख का जुर्माना, शिक्षा संस्थानों के लिए नए दिशानिर्देश जारी
रांची (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) झारखंड उच्च न्यायालय ने मेसरा स्थित बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) परिसर में पिछले वर्ष एक छात्र की हत्या के मामले में संस्थान पर ₹20 लाख का जुर्माना लगाया है। यह राशि मृतक छात्र के माता-पिता को दी जाएगी। अदालत ने इस मामले को “संस्थागत सुरक्षा में गंभीर विफलता” करार देते हुए कहा कि छात्र की जान बचाने में संस्थान असफल रहा।
न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की एकल पीठ ने 12 अगस्त को सुनाए आदेश में राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों और विद्यालयों के लिए आपात चिकित्सा व्यवस्था व छात्र सुरक्षा को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किए।
अदालत के प्रमुख निर्देश
अपराधियों की याचिकाएं खारिज
अदालत ने इस मामले में दोषियों मौसम कुमार सिंह, अभिषेक कुमार, साहिल अंसारी और इरफान अंसारी की याचिकाएं भी खारिज कर दीं।
न्यायालय ने टिप्पणी की कि छात्रों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर लापरवाही अस्वीकार्य है और सभी शिक्षा संस्थानों को इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
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