● बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में आयोजित होगा नारायणी बायोरिजनल समागम
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल के 10 जिलों में जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने के लिए जागृति सात उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित कर रहा है। इनमें से एक है जैव-क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र(बायोरिजनल सीओई), जिसे रेनमैटर फाउंडेशन का समर्थन प्राप्त है। यह केंद्र पूर्वांचल के दस जिले क्रमश: गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, मऊ, संतकबीर नगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, आजमगढ़ में प्राकृतिक संसाधनों और जैव-विविधता संरक्षण, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ सतत जीवनशैली और स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहित करेगा। यह बातें जैव-क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रिसर्च मैनेजर सुजय और ऑपरेशंस मैनेजर आनंद सिंह ने गुरुवार को राघवनगर स्थित जागृति के नेटवर्क कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि जैव-क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र की ओर से 14 और 15 फरवरी को बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में नारायणी बायोरिजनल समागम का आयोजन किया जा रहा है। इस समागम का उद्देश्य विशेषज्ञों, संगठनों और स्थानीय हितधारकों को एक मंच पर लाकर क्षेत्र की प्रमुख पर्यावरणीय समस्याओं पर चर्चा करना और सामूहिक रूप से नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करना है।
इस कार्यक्रम में हमारे साझेदार संगठन जैसे थिंक टैंक, एनजीओ, सामाजिक उद्यम, फंडिंग एजेंसियां, स्थानीय उद्यमी, पर्यावरणविद, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, नाबार्ड, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला प्रशासन के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। जिसमें नेशनल एंकर नेशनल कॉलेशन फॉर नेचुरल फाॅमिंग प्रमेल गुप्ता, रेन मैटर फाउंडेशन के सीईओ समीर सिसोदिया, साहस जीरो वेस्ट की सीईओ अर्चना त्रिपाठी, इंडिया साइनिटेशन की सीईओ नताशा पटेल व वाइल्ड लाइफ़ कॉन्जवेशन ट्रस्ट कॉन्जर्वेशन बायोलॉजिस्ट तरूण नायर, विधि पॉलिसी सेंटर के क्लाइमेट एंड इको सिस्टम के लीड देवादित्यो सिन्हा, सेंटर फॉर सस्टनेबल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर रामनजेनेलू प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। इस बायोरिजनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के संचालन टीम में आईडीएफसी बैंक के पूर्व चेयरमैन व विख्यात अर्थशास्त्री तथा पर्यावरणविद् राजीव लाल चेयरपर्सन, राजलक्ष्मी देशपांडेय निदेशक, सुजय हमनवार रिसर्च मैनेजर, आनंद सिंह ऑपरेशंस मैनेजर, श्रृजा रिसर्च एसोसिएट, मनोज तिवारी ऑपरेशंस एसोसिएट की भूमिका में हैं।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्वांचल की पर्यावरणीय चुनौतियों को समझते हुए समाधान तलाशना है। जिसमें साझेदार संगठनों और स्थानीय हितधारकों की भागीदारी से ठोस रणनीतियां उभरकर सामने आएंगी। इस समागम से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर जागृति सेवा संस्थान और उसके साझेदार संगठनों द्वारा क्षेत्र में विभिन्न पायलट प्रोजेक्ट्स और कार्यक्रमों को लागू किया जाएगा।
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