पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) शुक्रवार को राजधानी पटना की सड़कों पर फेयर प्राइस डीलरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जन वितरण प्रणाली (PDS) को बचाने और फेयर प्राइस विक्रेताओं को नियमित करने की मांग को लेकर राज्यभर से हजारों की संख्या में डीलर पटना पहुंचे। लेकिन डाकबंगला चौराहा पर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले 9 अगस्त को पश्चिम चंपारण से पदयात्रा शुरू की गई थी। शुक्रवार को यह यात्रा पटना के डाकबंगला चौराहे पर पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने दोनों ओर की सड़कों को जाम कर दिया। जाम हटाने के लिए पुलिस ने कई बार अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे।

पुलिस–प्रदर्शनकारी आमने-सामने
डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद खुद मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन शांति भंग कर आम जनता को परेशान करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान पथराव, हाथापाई और पुलिसकर्मियों पर डंडों से प्रहार तक किए गए। कई पुलिसकर्मियों के कॉलर तक पकड़ लिए गए। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

प्रदर्शनकारियों की मांगें
फेयर प्राइस डीलरों की प्रमुख मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और जन वितरण प्रणाली को निजी हाथों में जाने से बचाया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार की उपेक्षा से डीलरों का जीवन संकट में है, जबकि वे गरीबों तक राशन पहुंचाने की अहम कड़ी हैं।

स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
पुलिस के लाठीचार्ज और वाटर कैनन चलाने के बाद प्रदर्शनकारियों को डाकबंगला चौराहा खाली करना पड़ा। इसके बाद उन्हें गर्दनीबाग मैदान जाकर प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई। देर शाम तक स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन शहर के बीचोंबीच हुए इस प्रदर्शन से घंटों तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा।

फोटो सौजन्य से पीके