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सफलता का मूल मंत्र

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जो काम करना है उसे समय से पूरा कर ले, कल के भरोसे काम को टालने वाले हमेशा काम को टालते ही रहते हैं। आज का काम कल पर नहीं टालना चाहिए। क्योंकि समय का कोई भरोसा नहीं रहता है दुनिया में बहुत सारे लोग हैं जो किसी भी काम को समय रहते पूरा नहीं कर पाते टालते ही जाते हैं। काम को टालना एक बुरी आदत है। इस आदत के कारण हम कभी-कभी बनते काम को बिगाड़ कर बैठ जाते हैं जिससे हमारा बहुत भारी नुकसान भी हो जाता है। जो काम आज का है उसे आज नहीं किया तो कल उसका महत्व कम हो जाएगा क्योंकि परिस्थितियां पल-पल बदलती रहती हैं। कार्य की अधिकता के कारण भी कभी-कभी काम को टालना पड़ता है। टाला हुआ काम दिमाग से गायब भी हो सकता है। वास्तव में कोई कार्य कठिन नहीं होता है उन्हें हम ही कठिन बनाते हैं हमारे टालने की आदत से। इसी आदत के कारण सरल काम भी कठिन लगने लगता है बहुत सारे लोग अपनी इसी आदत के कारण अति महत्वपूर्ण कार्य भी नहीं कर पाते हैं और बाद में पछताते हैं। काम टालने की आदत हमको आलसी बना देती है हर व्यक्ति के काम टालने की वजह भी अलग-अलग होती है। हमें विचार करना चाहिए कि काम को टालने का क्या कारण था। मानव स्वभाववश सरल व सहज कार्य पहले करता है पर हमें कठिन कार्य को भी उसी तन्मयता से करना चाहिए तभी सफलता मिलना संभव है। यदि सफल होना है तो सरल कठिन का भेदभाव बंद करके अपने कार्य को तुरंत करना चाहिए यह सोचना चाहिए कि इस कार्य को मुझे करना ही है तो तुरंत ही क्यों न कर लिया जाए टालने की आदत का बहिष्कार करके अपने जीवन के हर कार्य को सुचारू रूप से तुरंत करने की आदत डालें तभी आप अपना हर कार्य समय से पूरा कर पाएंगे और जीवन में सफलता प्राप्त करने का यही मूलमंत्र भी है।

सीमा त्रिपाठी
शिक्षिका साहित्यकार लेखिका

rkpshomnath

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