महान साहित्यकार आचार्य परशुराम चतुर्वेदी के सुपौत्र हैं प्रो. चतुर्वेदी
शिक्षा जगत में उनकी नियुक्ति को लेकर पूरे पूर्वांचल में हर्ष
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बलिया जिले के लिए यह एक गर्व का क्षण है, जब यहां के सुपुत्र और प्रख्यात शिक्षाविद् प्रोफेसर अजित कुमार चतुर्वेदी को देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का कुलपति नियुक्त किया गया है। प्रो. चतुर्वेदी को कुलपति बनाए जाने की खबर मिलते ही पूरे जनपद में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई। प्रो. चतुर्वेदी न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, बल्कि वे बलिया के महान साहित्यकार, ‘आचार्य परशुराम चतुर्वेदी’ के सुपौत्र भी हैं। साहित्य, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में आचार्य परशुराम चतुर्वेदी का योगदान अविस्मरणीय रहा है। अब उनके परिवार से एक और प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की भूमिका में आई है। प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी आईआईटी रुड़की के निदेशक रह चुके हैं और शिक्षा के क्षेत्र में उनका अनुभव अत्यंत समृद्ध है। उनका अनुसंधान, प्रशासनिक कौशल और शिक्षण क्षमता उन्हें इस महत्वपूर्ण पद के लिए उपयुक्त बनाती है। स्थानीय लोगों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने उनकी इस नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बलिया की मिट्टी ने हमेशा देश को महान विभूतियाँ दी हैं और प्रो. चतुर्वेदी की यह उपलब्धि उसी श्रृंखला की एक और गौरवशाली कड़ी है। बधाई संदेशों की बाढ़ प्रो. चतुर्वेदी को बीएचयू का कुलपति बनाए जाने पर सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया है। लोग उन्हें बलिया का गौरव बताते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना कर रहे हैं
✍️ विजय गुंजन जीवन के कुरुक्षेत्र में हर मोड़ पर चक्रव्यूह रचे हैंचाहे जितना प्रयत्न…
बराव में प्रस्तावित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने बनाई रणनीति बरहज/देवरिया…
कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और नर्सिंग होमों में चला संयुक्त निरीक्षण अभियान, फायर व विद्युत सुरक्षा…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय लाजपत भवन से मोहन सेतु निर्माण की…
किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के…
✍️ विजय गुंजन भारत की भाग्यरेखा से भ्रष्टाचार का अंधकार मिटे,जन-जन की चेतना से नवक्रांति…