सज गई रामनगरी अयोध्या: आज से शुरू होगा दीपोत्सव, 28 लाख दीपों से जगमगाएगी राम की पैड़ी, 5 देशों के कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन

अयोध्या (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। तीन दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत आज से हो रही है, जिसमें सरयू तट पर 28 लाख दीपों की जगमग रोशनी पूरे विश्व को राममय करने वाली है। इस बार का दीपोत्सव परंपरा और तकनीक का संगम लेकर आया है — लेजर शो, ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिये रामकथा के प्रसंगों को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा।

अयोध्या का भव्य दीपोत्सव 2025

रामनगरी की सड़कों से लेकर घाटों तक दीपों की पंक्तियां सज चुकी हैं। मंदिरों में गूंज रहे मंगल गीत और गलियों में झिलमिलाती रोशनी ने शहर को स्वर्गिक रूप दे दिया है। श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

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5 देशों के कलाकारों की रामलीला

इस वर्ष दीपोत्सव में रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार भगवान श्रीराम की लीला का मंचन करेंगे। कुल 90 विदेशी कलाकार अपनी-अपनी भाषाओं में “जय श्रीराम” का उद्घोष करेंगे।

रूस के कलाकार: सीता स्वयंवर का मंचन

थाईलैंड के कलाकार: तीन प्रमुख युद्धों का दृश्य

इंडोनेशिया के कलाकार: लंका दहन और अयोध्या वापसी

नेपाल के कलाकार: लक्ष्मण शक्ति प्रदर्शन

श्रीलंका के कलाकार: रावणेश्वरा प्रसंग का मंचन

11 मंचों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

अयोध्या में इस बार 11 मंच बनाए गए हैं — जिन पर देशभर से आए 2000 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें अवधी और भोजपुरी भजन, लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य शामिल हैं।
रामकथा पार्क, तुलसी उद्यान, बड़ी देवकाली और गुप्तार घाट जैसे प्रमुख स्थलों पर विशेष मंच तैयार किए गए हैं।

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दीपों से रचेंगे नया इतिहास

छोटी दीपावली (19 अक्टूबर) को राम की पैड़ी पर 28 लाख दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है।

वर्षजले दीप
2017 1.71 लाख
20183.01 लाख
20194.04 लाख
20206.06 लाख
20219.41 लाख
202215.76 लाख
202322.23 लाख
202425.12 लाख
202528 लाख (अनुमानित)

अयोध्या का यह आयोजन न केवल भक्ति का पर्व है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि राम की नगरी केवल इतिहास नहीं, बल्कि जीवंत अध्यात्म की प्रतीक है।

Karan Pandey

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