फिल्म इंडस्ट्री में रक्षण बंधन शॉर्ट फिल्म के शुभ दिन आएंगे

प्रसिद्ध निर्देशक एन चंद्रा का उदगार

के रवि दादा की लघु फिल्म प्रोमो पोस्टर हुआ लॉन्च

मुंबई(राष्ट्र की परम्परा)
बॉलीवुड के क्षेत्र में, जहां बेहतरीन फिल्में तो बन रही हैं किंतु वर्तमान समय में सोशल मीडिया समाज का एक अभिन्न अंग बन गया है। ऐसे दौर में वरिष्ट सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार के रवि दादा की कडतोबा प्रोडक्शंस की लघु फिल्म रक्षण बंधन को अधिक महत्व मिलने की उम्मीद है। ऐसी अपेक्षा बॉलीवुड के जाने माने निर्देशक एन. चंद्रा ने गोरेगांव में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए कही।
पिछले कुछ सालों में मैंने बॉलीवुड क्षेत्र में कई फिल्म फेस्टिवल देखे हैं। इस महोत्सव से लघु फिल्मों के माध्यम से समाज के विभिन्न मुद्दों को उठाया गया है। वर्तमान सोशल मीडिया को ध्यान में रखते हुए, आधुनिक समय में वर्तमान दर्शक वर्ग बदल गया है। नई पीढ़ी सोशल मीडिया की ओर आकर्षित है, ऐसे में लघु फिल्म इस माध्यम को प्रभावित करने पर विचार कर रही है। इनमें कडतोबा प्रोडक्शन की के रवि दादा की लघु फिल्म एक सोशल कॉन्शियसनेस भी तैयार की गई है। इस फिल्म को लेकर जाने-माने निर्देशक एन चंद्रा ने आशा व्यक्त की है कि अगर यह फिल्म विभिन्न समारोहों में जाएगी, तो इस पर विशेष रूप से विचार विमर्श किया जाएगा। मेरे मन में रक्षण बंधन एक लघु फिल्म बनाने का विचार आया और मैंने तुरंत इस लघु फिल्म को एक दिन में पूरा करने का फैसला किया। के रवि दादा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कडतोबा प्रोडक्शन हमेशा नए कलाकारों को मौका देता रहा है, उसी के जरिए हम एक बार फिर नए कलाकारों को इस क्षेत्र में लाने और उनकी प्रतिभा को मौका देने की कोशिश कर रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए के रवि दादा उक्त बातें कही।एक आदिवासी परिवार की एक गरीब लड़की रक्षाबंधन के दिन उठती है और रंग-बिरंगी राखियाँ देखती है। वह अपने पिता से जिद करती है कि मुझे राखियों की तरह चमकने वाली फ्रॉक मिलने चाहिए और यह लघु फिल्म काफी मनोरंजक है। आखिर में राज्य सरकार की ओर से इस आदिवासी परिवार को घर दिलाया जाता है और वहीं से यह परिवार प्रगति करने लगता है। ऐसा सामाजिक संदेश इस फिल्म में दिखाया गया है। इस फिल्म के माध्यम से के रवि दादा ने देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्म का ध्यान विशेष रूप से आदिवासी परिवारों पर जाए और इसे ध्यान में रखकर उन्हें उनके विभाग और समाजसेवी संस्थाओं, उद्योगपतियों के जरिए आदिवासी समाज को विकास की मुख्य धारा में लाने के हरसंभव प्रयास करें। ऐसा विश्वास के रवि दादा ने इस लघु फिल्म के माध्यम से जताया है। इस फिल्म के दिग्दर्शक लेखक अशोक झगड़े हैं। इस लघु फिल्म में के रवि दादा, मनस्वी गायकवाड़, रोशनी दुपारगुडे, राजश्री शेंडे, शरद रणपिसे, महादु पवार, अशोक झगड़े, मोहित इंगले ने प्रमुख भूमिका निभाई है। जबकि छाया चित्रण अमोल पारखे की ओर से उत्तम ढंग प्रदर्शित किया गया है। इस समारोह में बॉलीवुड के साथ साथ अनेक कलाकार भी उपस्थित थे।

rkpnews@somnath

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