अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा के आरोप, जांच में जुटा पुलिस प्रशासन
शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शाहजहांपुर की चौक कोतवाली एक बार फिर विवादों में घिर गई है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अश्विनी प्रताप सिंह पर अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा के प्रयोग और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल संजीव कुमार और कांस्टेबल गौरव को फोन कर तत्काल थाने बुलाया गया था। आरोप है कि इस दौरान बातचीत में मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी गईं। कांस्टेबल गौरव का कहना है कि उसका पुत्र वरदान बीमार था और उसने थाने पहुंचने में थोड़ी देरी होने की सूचना दी थी, इसके बावजूद प्रभारी निरीक्षक द्वारा कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग किया गया।
आरोप यह भी है कि हेड कांस्टेबल संजीव कुमार के साथ भी अपमानजनक व्यवहार किया गया। मामला उस समय और गंभीर हो गया जब फोन पर “गोली मार दूंगा” जैसी धमकी देने का आरोप सामने आया। इसके साथ ही पीआरबी भेजकर घर से उठवाने और मोहल्ले में बेइज्जत करने की बात कहे जाने का भी दावा किया जा रहा है।
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इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा वायरल ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। यदि ऑडियो में प्रयुक्त भाषा और लहजा जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह पुलिस आचरण नियमावली का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। इस प्रकरण ने पुलिस विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया और जनचर्चा में यह सवाल उठने लगा है कि यदि पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम फरियादियों की स्थिति क्या होगी। सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है।
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