जोरहाट/असम (राष्ट्र की परम्परा)। असम के जोरहाट जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 35 वर्षीय दीपंकर बरदलोई का अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। यह हादसा उस समय हुआ, जब वह अपने छोटे बेटे के स्कूल से रिजल्ट लेकर लौट रहे थे।
परिजनों के अनुसार, दीपंकर ने उस दिन अपने पिता को घर पर छोड़ने के बाद छुट्टी ली थी। उन्हें कुछ निजी काम निपटाने थे, लेकिन साथ ही उनके बेटे का UKG का रिजल्ट उसी दिन घोषित होना था। दीपंकर अपने बेटे के स्कूल पहुंचे, शिक्षकों से मुलाकात की और बेटे का रिजल्ट प्राप्त किया।
स्कूल से बाहर निकलते ही बिगड़ी तबीयत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही दीपंकर स्कूल परिसर से बाहर निकले, अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क पर गिर पड़े। कुछ ही पलों में उनकी दिल की धड़कन रुक गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
ये भी पढ़ें – US Immigration Case: कैलिफोर्निया कोर्ट का बड़ा फैसला, बिना सुनवाई हिरासत में रखे गए दो भारतीय नागरिक रिहा
परिवार में पसरा मातम
दीपंकर बरदलोई की असमय मौत से परिवार में गहरा शोक छा गया है। उनका बेटा सैमफोर्ड स्कूल में पढ़ता है। परिजनों और रिश्तेदारों ने बताया कि दीपंकर पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी रहे थे, उन्हें किसी भी तरह की हृदय संबंधी बीमारी की पूर्व जानकारी नहीं थी।
युवाओं में भी बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। इसके पीछे तनाव, अनियमित जीवनशैली और समय पर स्वास्थ्य जांच न कराना बड़ी वजह हो सकती है। विशेषज्ञों ने नियमित हेल्थ चेकअप और दिल से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी है।
शहर में शोक की लहर
दीपंकर की अचानक मौत से जोरहाट में शोक की लहर है। परिवार, मित्रों और परिचितों ने उनके जिम्मेदार और मिलनसार स्वभाव को याद करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की है। यह घटना दिल की बीमारियों के प्रति जागरूकता और सतर्कता की एक गंभीर चेतावनी भी मानी जा रही है।
ये भी पढ़ें – नीट छात्रा मौत मामला: पटना में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, महिला कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री सम्राट चौधरी को ठहराया जिम्मेदार
