Tuesday, March 17, 2026
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श्रीराम कथा में राम जन्म होते ही जयकार से गूंज उठा पांडाल

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) भागलपुर के बलिया गांव परमानन्द परमहंस हनुमान कुटी में श्रीराम कथा के तीसरे दिन गुरूवार को राम के जन्म होते ही पांडाल में प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कथावाचक आचार्य पीयूष मिश्र ने कहाकि भगवान का जन्म असुरों और पापियों का नाश करने के लिए हुआ था। भगवान राम ने बाल्यावस्था से ही असुरों का नाश किया। उन्होंने कहाकि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जीवन चरित्र अनंत सदियों तक चलता रहेगा। राम कथा में पिता के प्रति मां के प्रति और भाई के प्रति प्रभु राम का जो स्नेह प्रेम रहा सदा सदा के लिए अमर है। राजा दशरथ के संतान न होने के कारण अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास जाते हैं। जहां वशिष्ठ द्वारा श्रृंगी ऋषि से शुभ पुत्र कामेष्टि यज्ञ करवाते है। यज्ञ कुंड से अग्नि देवता का प्रकट होकर राजा दशरथ को खीर प्रदान करते हैं, जिसके बाद राजा दशरथ द्वारा तीनों रानियों कौशल्या, कैकई और सुमित्रा को खीर देते है। उस खीर के खाने से तीनों रानियों को भगवान राम सहित भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म होता है। इस अवसर पर पीठाधीश्वर महंत शत्रुघ्न दास,आचार्य धनंजय तिवारी,सूर्यकांत शुक्ल मौजूद रहे।

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