वाशिंगटन (RKP news desk)अमेरिका की सख्त चेतावनी के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हातमी ने 7 जनवरी 2026 को अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी विदेशी ताकत ईरान को धमकाने की भूल न करे। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि ईरान पर हमला हुआ तो हमलावरों का “हाथ काट दिया जाएगा।”
ट्रंप की धमकी पर तीखी प्रतिक्रिया
ईरान का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद सामने आया है। ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की गई या उन्हें मारा गया तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, “अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को गोली मारता है तो अमेरिका उन्हें बचाने आएगा, हम पूरी तरह तैयार हैं।”
खामेनेई को जान से मारने की धमकी
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक टीवी इंटरव्यू में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को खुली धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं रुकी तो डोनाल्ड ट्रंप सीधे खामेनेई को निशाना बना सकते हैं। इस बयान ने ईरान-अमेरिका तनाव को और भड़का दिया है।
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ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज
ईरान में बीते कई दिनों से महंगाई, रियाल की गिरती कीमत और आर्थिक संकट को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राजधानी तेहरान से शुरू हुए प्रदर्शन कई शहरों तक फैल गए हैं। फासा शहर में प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर ऑफिस में आगजनी और पथराव किया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने हालात शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि टैक्स बढ़ाने की योजना पर पुनर्विचार किया जाएगा और जनता की मांगें जायज हैं।
इजरायल और अमेरिका का समर्थन
अमेरिका के साथ-साथ इजरायल ने भी ईरान में हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वे ईरानी जनता की आज़ादी और न्याय की लड़ाई के साथ खड़े हैं।
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युद्ध के लिए पहले से ज्यादा तैयार ईरान
आर्मी चीफ अमीर हातमी ने कहा कि ईरान की सेना अब जून 2025 में इजरायल के साथ हुए 12 दिन के युद्ध से भी ज्यादा मजबूत और तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन ने कोई गलती की तो जवाब पहले से कहीं अधिक कठोर होगा।
ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने भी कहा कि अमेरिका को अपने सैनिकों की सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए।
पिछले हमलों से बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि जून 2025 में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमले किए थे। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए बदला लेने की चेतावनी दी थी। फिलहाल दोनों देशों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
