Tuesday, January 13, 2026
HomeUncategorizedCJM कोर्ट में पेशी के बाद बोले अमिताभ ठाकुर, मुझे रोकने के...

CJM कोर्ट में पेशी के बाद बोले अमिताभ ठाकुर, मुझे रोकने के लिए हुई गिरफ्तारी

🔴 देवरिया जेल से बाहर बोले पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर: कफ सिरप कांड में बड़े माफिया शामिल, मुझे साजिश के तहत फंसाया गया

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिला कारागार में निरुद्ध पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में पेश किया गया। पेशी के दौरान और उसके बाद अमिताभ ठाकुर ने कफ सिरप कांड को लेकर सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े ठोस सबूत मौजूद हैं, लेकिन असली दोषियों को बचाने के लिए उन्हें जानबूझकर गिरफ्तार किया गया है।
कफ सिरप कांड में शुभम जायसवाल केवल मोहरा
न्यायालय से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में अमिताभ ठाकुर ने कहा कि कफ सिरप मामले में जिस शुभम जायसवाल को आरोपी बनाया गया है, वह केवल एक छोटा सा प्यादा है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे नेटवर्क में बड़े-बड़े माफिया, रसूखदार लोग और प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनकी जांच तक नहीं की जा रही है। ठाकुर के अनुसार, यदि निष्पक्ष जांच हो तो कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल करने से पहले हुई गिरफ्तारी
अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया कि वह कफ सिरप कांड को लेकर जनहित याचिका दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रहे थे। इसी दौरान उनका सामान छीना गया और रास्ते में ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, ताकि वह इस मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई न कर सकें। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया।
धनंजय सिंह पर आरोप, लेकिन पूछताछ नहीं
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने यह भी कहा कि इस कांड में धनंजय सिंह को लेकर लगातार आरोप सामने आए हैं, लेकिन अब तक उनसे किसी भी स्तर पर पूछताछ नहीं हुई है। ठाकुर का कहना है कि कुछ खास लोगों को जांच के दायरे से बाहर रखा जा रहा है, जिससे पूरी जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
धोखाधड़ी मामले की पृष्ठभूमि
अमिताभ ठाकुर वर्तमान में एक पुराने धोखाधड़ी के मामले में देवरिया जेल में बंद हैं। वर्ष 1999 में देवरिया के पुलिस अधीक्षक रहते हुए उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम औद्योगिक क्षेत्र में एक भूखंड आवंटित हुआ था। दस्तावेजों में नामों की त्रुटि के आधार पर सितंबर माह में लखनऊ के तालकटोरा थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 8 दिसंबर को दिल्ली जाते समय उन्हें शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर देवरिया लाया गया।
बेल एप्लीकेशन और ज्यूडिशियल रिमांड पर सवाल
अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता ने बताया कि जमानत याचिका फिलहाल लंबित है। उन्होंने न्यायालय द्वारा दी गई ज्यूडिशियल रिमांड को चुनौती दी है, क्योंकि उसमें स्पष्ट कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। कोर्ट ने जांच अधिकारी से इस संबंध में लिखित जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय की गई है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments