बी एस एस परशुराम सेना करेगा आंदोलन पड़ित अजीत कुमार पाण्डेय
मऊ(राष्ट्र की परम्परा)बी०एस०एस० परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना-पत्र देकर शांभवी पीठ के पीठाधीश्वर एवं काली सेना के संस्थापक स्वामी आनंद स्वरूप पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।प्रार्थी ने ज्ञापन में कहा कि संगठन ब्राह्मण समाज को एकजुट करने, बहन-बेटियों की सुरक्षा और सनातन धर्म की रक्षा के उद्देश्य से काम करता है। प्रार्थी के अनुसार 19 नवंबर को जनपद बलिया के भीमपुरा थाना क्षेत्र में स्वामी आनंद स्वरूप के विरुद्ध जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या-29 की प्रतिनिधि धानमती देवी के प्रतिनिधि अरुण कुमार संजम (अजूबा) द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) की धारा 353(2) एवं आईटी अधिनियम 66/2008 के अंतर्गत एक गलत एवं निराधार मुकदमा दर्ज कराया गया है।आरोप है कि यह मुकदमा एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत भीम आर्मी के कुछ सदस्यों द्वारा दर्ज कराया गया, जबकि स्वामी आनंद स्वरूप संविधान के संरक्षण और सामाजिक सौहार्द के लिए कार्य करने वाले व्यक्ति हैं। प्रार्थी ने कहा कि यह मुकदमा पूरी तरह बेबुनियाद है और इसे नष्ट किया जाना न्यायहित में आवश्यक है।प्रार्थना-पत्र में मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि पुलिस अधीक्षक बलिया को निर्देशित किया जाए कि मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए तथा 19/11/2025 को दर्ज मुकदमे को तत्काल निरस्त किया जाए।प्रार्थी ने चेतावनी दी है कि यदि न्यायोचित कार्रवाई न हुई तो बी०एस०एस० परशुराम सेना पूरे प्रदेश में आंदोलन करने को बाध्य होगी।
