भिवंडी/मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा) भिवंडी सोनाले गांव के बाबुनाथ नाईक साहित्य नगरी के प्रांगण में, आगरी साहित्य विकास मंडल द्वारा अखिल भारतीय, आगरी साहित्य सम्मेलन उत्साह पूर्वक संपन्न किया गया। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
आपको बताते चले कि सोनाले गांव स्थित स्वर्गीय बाबूनाथ क्रीडा नगरी के प्रांगण में आगरी समाज द्वारा आगरी महोत्सव का आयोजन किया गया।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम के अंतर्गत आगरी साहित्य सम्मेलन के अलावा कई सांस्कृतिक व धार्मिक ग्रंथ संबंधी विषयों का अवलोकन करने का अवसर मिला, इस कार्यक्रम में महिलाओं का तथा पुरुषों का भारी संख्या में समागम देखा गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भिवंडी के वरिष्ठ कवि, सुनील पाटिल ने किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ साहित्यकार अरुण म्हात्रे, के हाथों संपन्न किया गया। आगरी भाषा संस्कृति तथा उसकी उन्नति के लिए हम सभी को आगे आकर इसका प्रयास करना चाहिए, यह उद्गार अपने वक्तव्य में कवि सुनील पाटिल ने कहीं। आगरी समाज सम्मेलन के संस्थापक अध्यक्ष विशु भाऊ म्हात्रे, स्वागताध्यक्ष रूपेश म्हत्रे, चंद्रकांत मढवी, कैलाश पिंगले, रामनाथ म्हात्रे, भगवान ठाकुर, रविंद्र तरे, मनोहर तरे, आदि मान्यवर भारी संख्या में उपस्थित थे।इस अवसर पर आगरी साहित्य विकास मंडल द्वारा (आगोट) स्मरणिका का उद्घाटन व प्रकाशन किया गया। गायक संतोष चौधरी (दादुस) साधना नाईक,दया नाईक, रामनाथ म्हात्रे, द्वारा आगरी भाषा में संगीत प्रस्तुत किया गया। नाट्य कलाकार मयूरेश कोटकर, आगरी समाज साहित्य विकास के लिए, परिसंवाद व्यक्त किया। इस सम्मेलन में सुनील पाटिल द्वारा (तेथे कर माझे जुलती) विश्वास थले द्वारा ( मोगरा फूलला) दया नायक द्वारा(पिरमचा (मोरपीस) दसरथ मुकादम व्दारा (अठवण)अशोक चिकवन व्दारा(आगरी उखाणे) श्रीराम पाटील (साद) श्याम माली (आगरवाट) सभी की रचित पुस्तकें प्रकाशित की गई। इस आगरी महोत्सव के दौरान लोगों में भारी उत्साह देखा गया।
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