Tuesday, January 13, 2026
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मतदाता सूची संशोधन पर विवाद, अखिलेश यादव ने केंद्र और आयोग को घेरा

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर सियासी घमासान, अखिलेश यादव का बड़ा आरोप—पीडीए वर्ग के वोट हटाने की साजिश


लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया की आड़ में “पीडीए” यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम योजनाबद्ध तरीके से मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। यादव ने इस पूरे घटनाक्रम पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए।

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अखिलेश यादव ने कहा कि केवल एक जिले से ही करीब तीन लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं दिखाई दे रही। उनके अनुसार, राज्य चुनाव आयोग और केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया से यह संदेह गहराता है कि एक खास वर्ग के वोट हटाकर किसी अन्य राजनीतिक दल के पक्ष में संतुलन बनाया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि एसआईआर अभ्यास पूरे उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का किसी भी राजनीतिक दल ने विरोध नहीं किया था और सभी दलों ने अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए थे। बावजूद इसके, अब जो परिणाम सामने आ रहे हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं।

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मतदाता सूची के मसौदा प्रकाशन का हवाला देते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि आशंका जताई जा रही है कि लगभग तीन करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मसौदा सूची जारी होने से पहले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से यह बयान दे दिया था कि चार करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे और ये सभी मतदाता भाजपा से जुड़े होंगे। यादव ने कहा कि जब किसी के पास आधिकारिक आंकड़े नहीं थे, तब ऐसा बयान देना संदेह को और गहरा करता है।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की और कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का निष्पक्ष और पारदर्शी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आम नागरिकों के वोट अधिकार के साथ खिलवाड़ हुआ तो समाजवादी पार्टी इसे लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।

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