
नई दिल्ली। (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने कक्ष में एक अनौपचारिक चाय पार्टी का आयोजन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित एनडीए के सहयोगी दलों के सदन के नेता मौजूद रहे।
पिछले सत्र की परंपरा को दोहराते हुए, विपक्ष के नेताओं ने इस अनौपचारिक बैठक से दूरी बनाए रखी। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता इसमें शामिल नहीं हुए, जिससे एक बार फिर उनकी अनुपस्थिति दर्ज की गई।
सूत्रों के मुताबिक, अनौपचारिक बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों में ऐसे युवा नेता मौजूद हैं, जिनमें अपार प्रतिभा है, लेकिन उन्हें सामने आने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पाता। पीएम ने इशारों-इशारों में कहा कि इसका कारण अक्सर “पारिवारिक असुरक्षा” होती है, जिससे संगठन के भीतर ही प्रतिभाशाली नेताओं की आवाज दब जाती है।
जानकार मानते हैं कि यह टिप्पणी कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और वंशवाद पर एक सीधा कटाक्ष है। वहीं, विपक्ष की ओर से इस चाय पार्टी में शामिल न होना, दोनों पक्षों के बीच बढ़ती दूरी और टकराव को दर्शाता है।
सत्र के समापन के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है
