Friday, February 13, 2026
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बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर एडीजी का बयान: “काम न होने से अपराध बढ़ते हैं”

जब किसान खाली रहते तो बढ़ता है अपराध ये कैसा बयान?

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार में हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने कहा है कि राज्य में अप्रैल से जून के बीच किसानों के पास काम न होने के कारण अपराधों में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही मानसून समाप्त होगा और किसान खेतों में व्यस्त होंगे, वैसे ही ऐसी घटनाएं कम हो जाएंगी।

यह बयान उस समय सामने आया है जब गुरुवार को पटना के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना हुई। इस हमले में पैरोल पर जेल से बाहर आए चंदन मिश्रा नामक अपराधी की अस्पताल परिसर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। चंदन पर हत्या समेत कई संगीन मामलों में आरोप थे और वह बक्सर जिले का निवासी बताया गया है।

घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम जनता में भी भय का माहौल पैदा कर दिया है।

एडीजी ने क्या कहा?
पत्रकारों से बात करते हुए एडीजी कुंदन कृष्णन ने कहा, “यह देखा गया है कि अप्रैल से जून के बीच किसानों के पास कोई खास काम नहीं होता। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी रूप से अपराधों की संख्या बढ़ जाती है। पर जैसे ही खेतों में काम शुरू होगा, लोग व्यस्त हो जाएंगे और अपराधों में गिरावट आएगी।”

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
एडीजी के इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में भी हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा है कि कानून-व्यवस्था को मौसम के भरोसे छोड़ देना बेहद गैरजिम्मेदाराना रवैया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता ने कहा, “अगर किसान खाली होते हैं तो क्या उनका एकमात्र विकल्प अपराध है? यह बयान किसानों का अपमान है और शासन की विफलता को छिपाने का प्रयास।”

जनता में असंतोष
सामान्य जनता का भी कहना है कि चाहे मौसम कोई भी हो, प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वह हर हाल में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। अस्पताल में हुई हत्या ने आम लोगों के मन में गहरी चिंता पैदा की है कि अगर इस तरह खुलेआम वारदातें होंगी, तो कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा।

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