July 25, 2024

राष्ट्र की परम्परा

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एक छोटी पहल ने आसान कर दी गर्भवतियों की राह

बहराइच(राष्ट्र की परम्परा)l डीएम मोनिका रानी की एक छोटी सी पहल ने जनपद के ग्रामीण इलाकों में गर्भवती व नौनिहालों की जिंदगी को बेहतर बना दिया है। पहले इन इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले कर्मियों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। वे चटाई या चारपाई पर बैठकर टीकाकरण और जांच जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं देने को मजबूर थे। लेकिन डीएम मोनिका रानी की सूझबूझ ने इस स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया है। इससे छाया ग्राम स्वास्थ्य,स्वच्छता एवं पोषण दिवस की सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और गर्भवती महिलाओं को अब सही समय पर उचित सेवाएं मिल रही हैं।

ऐसे हुआ सुधार:
ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियां (वीएचएसएनसी) के फंड का सही उपयोग करके डीएम ने एक नई राह दिखाई। इन समितियों को हर साल दस हजार रुपये मिलते हैं लेकिन इस धन का उपयोग अक्सर सही तरीके से नहीं हो पाता था। डीएम ने इस फंड का उपयोग कुर्सी, मेज,चटाई,बाल्टी,और जग जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था के लिए किया।
अब हर माह होने वाली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इस फंड के उपयोग की समीक्षा की जाती है। इससे बीपी मशीन,स्टेथोस्कोप,वजन मशीन और हीमोग्लोबिनो मीटर जैसे उपकरणों की खरीद और मरम्मत भी हो पाई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 राजेश कुमार ने के अनुसार अब तक 719 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान और आशा कार्यकर्त्ता के संयुक्त खाते में जमा धन का सदुपयोग किया जा चुका है और शेष 600 जगहों पर अभी प्रयास जारी है।
स्वास्थ्य कर्मियों की खुशी:
विशेश्वर गंज खैराजनूब उप स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम कंचन यादव ने बताया कि क्षेत्र के बरई पुरवा में पहले उन्हें चटाई पर बैठकर टीका लगाना पड़ता था जो काफी मुश्किल था। अब कुर्सी और मेज की सुविधा से यह काम आसान हो गया है। इसके अलावा लाभार्थियों के बैठने के लिए दरी की व्यवस्था भी की गई है जिससे वे आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकते हैं। पहले की तुलना में अब छाया ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस में लाभार्थियों की संख्या में 30 % की वृद्धि हुई है।
ग्रामीणों की सराहना:
आशा कार्यकर्ता और ग्राम प्रधानों ने भी इस पहल की जमकर तारीफ की है। अब लाभार्थी बिना किसी संकोच के स्वास्थ्य सत्रों में भाग लेते हैं। रणवीर सिंह ग्राम प्रधान,गदामार कला ने बताया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मांग पर आवश्यक सामग्री और उपकरण की व्यवस्था कर दी गई है। भविष्य में जब भी आवश्यकता होगी, पूरा सहयोग मिलेगा।
एक छोटी पहल बड़ा बदलाव:
चिकित्सक व एमएलसी डॉ0 प्रज्ञा त्रिपाठी ने डीएम मोनिका रानी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ बल्कि वर्षों से रुके हुए धन का भी सदुपयोग हो गया। यह पहल साबित करती है कि छोटी सी कोशिश भी बड़े बदलाव ला सकती है और समाज के कमजोर तबके के जीवन को बेहतर बना सकती है।
हर माह आयोजित होते हैं – 1319 दिवस
मातृत्व स्वास्थ्य,नवजात और बाल स्वास्थ्य,पोषण और किशोर स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में हर माह औसतन 1319 छाया ग्राम स्वास्थ्य,स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन किया जाता है ,यह कार्यक्रम आशा कार्यकर्त्ता,आंगनबाड़ी,और एएनएम के सहयोग से माह के प्रत्येक बुधवार व शनिवार को आयोजित होता है।
मिलती हैं सुविधाएँ –गर्भवती महिलाओं की जांच,टीकाकरण और प्रसवपूर्व देखभाल,नवजात शिशुओं और बच्चों का टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच,पोषण की खुराक और परामर्श,किशोरों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा और परामर्श,परिवार नियोजन के साधनों का वितरण और जानकारी
दी जाती है।