Monday, February 16, 2026
HomeUncategorizedवाराणसी में भारत–मॉरीशस रिश्तों का नया अध्याय

वाराणसी में भारत–मॉरीशस रिश्तों का नया अध्याय

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) की प्राचीन धरती पर गुरुवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगूलाम आमने-सामने बैठे। यह दृश्य महज़ एक राजनयिक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक और ऐतिहासिक यात्रा का पुनर्पुष्टिकरण था, जिसकी जड़ें सदियों पहले गंगा की लहरों के साथ हिंद महासागर पार कर मॉरीशस की धरती तक पहुँची थीं।

भारत और मॉरीशस का रिश्ता केवल “द्विपक्षीय साझेदारी” नहीं बल्कि रक्त-संबंधों जैसा है, जहाँ संस्कृति, परंपरा और प्रवासी भावना साझा सेतु का काम करती है। काशी, जिसे विश्व के सबसे प्राचीन जीवित नगरों में गिना जाता है, सदियों से भारतीय संस्कृति का प्रसारक रहा है। यही संस्कृति आज मॉरीशस की मिट्टी में भी अपनी गहरी जड़ें जमाए हुए है। प्रधानमंत्री मोदी के शब्द — “भारत और मॉरीशस परिवार हैं” — प्रवासी भारतीयों की पीढ़ियों के अनुभव का संक्षेप माने गए।

रणनीतिक महत्व हालांकि यह रिश्ते सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं हैं। हिंद महासागर की राजनीति में भारत और मॉरीशस की निकटता का सीधा संबंध सामरिक समीकरणों से है। चागोस समझौते पर भारत का समर्थन मॉरीशस की संप्रभुता को पुष्ट करता है और उपनिवेशवाद विरोधी भूमिका को सशक्त बनाता है।

समुद्री सुरक्षा सहयोग, तटरक्षक जहाजों का पुनर्निर्माण, हाइड्रोग्राफी समझौता और उपग्रह सहयोग जैसे कदम हिंद महासागर में भारत को “नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर” के रूप में स्थापित करते हैं। साथ ही, चीन की बढ़ती उपस्थिति को देखते हुए यह सहयोग भारत की “नेबरहुड फ़र्स्ट” नीति और “इंडो-पैसिफ़िक विज़न” को ठोस आकार देने वाला माना जा रहा है।

विकास सहयोग भारत ने इस दौरान मॉरीशस को 215 मिलियन डॉलर की ग्रांट और 440 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट की घोषणा की। इसके तहत अस्पताल, वेटरनरी स्कूल, एयरपोर्ट टॉवर और सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे। ये परियोजनाएँ मॉरीशस के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति देंगी और दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा बनाएंगी।

वाराणसी की इस मुलाकात ने स्पष्ट कर दिया कि भारत और मॉरीशस का रिश्ता केवल इतिहास की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य की साझी रणनीति और विकास की नींव भी है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments