महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नगर के बालाजी लॉन में सोमवार को सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन भव्यता, अनुशासन और सुव्यवस्थित आयोजन के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। शीतलहर के बावजूद नगर एवं ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, शिक्षक और युवा वर्ग की सहभागिता ने सम्मेलन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। सम्पूर्ण परिसर भगवामय वातावरण, जयघोष और राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंजता रहा।
वैदिक परंपराओं के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुआ। संत-महात्माओं के सान्निध्य ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
हिन्दू समाज की एकता पर जोर
मुख्य अतिथि अयोध्या के संत बालक दास ने अपने आशीर्वचन में कहा कि हिन्दू समाज केवल एक धार्मिक समुदाय नहीं, बल्कि संस्कारों, परंपराओं और राष्ट्रबोध से जुड़ा जीवन-दर्शन है। उन्होंने कहा कि जब-जब हिन्दू समाज संगठित हुआ है, तब-तब भारत ने विश्व को दिशा दी है।
हिंदुत्व को बताया सनातन चेतना का आधार
मुख्य वक्ता बालमुकुंद, राष्ट्रीय संगठन मंत्री (इतिहास प्राक्कलन समिति) ने कहा कि हिंदुत्व किसी संकीर्ण धार्मिक पहचान का नाम नहीं, बल्कि भारत की सनातन चेतना, सांस्कृतिक निरंतरता और राष्ट्रधर्म का मूल आधार है। उन्होंने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ को हिंदुत्व की आत्मा बताया।
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भारतीय जीवन-पद्धति का समग्र दर्शन
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे संजय कुमार मिश्र, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ) ने कहा कि हिंदुत्व भारतीय जीवन-पद्धति, संस्कार, सहिष्णुता और मानवता का समग्र दर्शन है, जिसकी नींव सत्य, अहिंसा, सेवा और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध पर टिकी है।
समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता
विशिष्ट अतिथि अनिल कसौधन, जिला अध्यक्ष व्यापार मंडल ने कहा कि व्यापारी समाज सदैव सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के कार्यों में अग्रणी रहा है। कार्यक्रम का कुशल संचालन जीवेश मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर विधायक जयमंगल कन्नौजिया, पूर्व चेयरमैन कृष्ण गोपाल जायसवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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भारत माता की आरती के साथ समापन
समापन अवसर पर भारत माता की आरती सम्पन्न हुई, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने भाव-विभोर होकर सहभागिता की। प्रसाद वितरण के साथ राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और सनातन एकता के संकल्प के साथ विराट हिन्दू सम्मेलन का समापन हुआ।
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