गरीबी से जूझते परिवार में बेटी की शादी बनी चिंता, समाजसेवियों ने बढ़ाया मदद का हाथ

नौतनवां क्षेत्र के धोतिंयहवां गांव का मामला, ईद के बाद 26 मार्च को है शादी — प्रशासनिक मदद की भी उठी मांग

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के नौतनवां तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा धोतिंयहवां से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां मरहूम यूसुफ अली का परिवार आर्थिक तंगी और बदहाली के बीच जीवन यापन करने को मजबूर है। परिवार की हालत इतनी खराब है कि कई बार दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता है। घर में न पिता का साया है और न ही कोई कमाने वाला सदस्य, जिसके कारण पूरा परिवार कठिन परिस्थितियों में दिन गुजार रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार मरहूम यूसुफ अली के निधन के बाद से ही परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। घर की जिम्मेदारियां महिलाओं और बच्चों के कंधों पर आ गईं, लेकिन आय का कोई स्थायी साधन न होने के कारण परिवार की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। आज हालात यह हैं कि परिवार को अपने दैनिक खर्चों और जरूरी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
इसी बीच परिवार में एक बेटी की शादी भी तय हो गई है, जो ईद के बाद आगामी 26 मार्च को होनी है। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण शादी की तैयारियां करना परिवार के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी परिवार के सामने संसाधनों की भारी कमी बनी हुई है। ऐसे में बेटी के हाथ पीले करने की जिम्मेदारी अब समाज के सहयोग और संवेदनशील लोगों की मदद पर टिकी हुई है।
जब इस गरीब परिवार की स्थिति की जानकारी क्षेत्र के समाजसेवी युनुस खान को हुई, तो उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से मदद की अपील की। उनकी इस पहल का सकारात्मक असर भी देखने को मिला। समाजसेवी अरसद और अभिषेक सहित कई लोगों के सहयोग से कुल 16,020 रुपये की सहायता राशि एकत्रित की गई, जिसे पीड़ित परिवार को सौंप दिया गया। इस सहायता से परिवार को शादी की प्रारंभिक तैयारियों में कुछ राहत जरूर मिली है।
हालांकि यह सहायता परिवार की जरूरतों के सामने बेहद सीमित है।
ग्रामीणों का कहना है कि शादी में अब बहुत कम समय बचा है और परिवार को अभी भी काफी आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। यदि समाज और प्रशासन का सहयोग मिल जाए, तो इस गरीब परिवार की बेटी की शादी सम्मान जनक तरीके से संपन्न हो सकती है।
इस घटना ने सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार जहां गरीबों को आवास और अन्य सुविधाएं देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, वहीं इस पात्र और जरूरतमंद परिवार को अब तक किसी भी आवास योजना या पर्याप्त सरकारी सहायता का लाभ नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन की नजर इस परिवार पर पड़ जाती, तो शायद आज इन्हें इतनी कठिन परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।
गांव के लोगों और समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, आवास योजना तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि इस बेटी की शादी सम्मान और गरिमा के साथ संपन्न हो सके।
यह घटना समाज के सामने एक महत्वपूर्ण संदेश भी छोड़ती है कि जब कोई परिवार विपत्ति में होता है तो समाज का सहयोग ही उसके लिए सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। जरूरत इस बात की है कि समाज के साथ-साथ प्रशासन भी आगे आए और ऐसे जरूरतमंद परिवारों की समय रहते मदद सुनिश्चित करे।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

थाना समाधान दिवस में डीएम व एसपी ने सुनीं जन समस्याएं, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना…

16 hours ago

नौकरी का सपना दिखाकर लाखों की ठगी,महिला समेत चार गिरफ्तार

सरकारी और निजी संस्थानों में नियुक्ति का झांसा देकर वसूली जाती थी मोटी रकम, फर्जी…

16 hours ago

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश को मिली नई दिशा, नई ऊर्जा और नई पहचान: विजयलक्ष्मी गौतम

केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर उपलब्धियां गिनाईं, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान में…

16 hours ago

बीबीएयू में बी.टेक. प्रवेश प्रक्रिया शुरू, जेईई मेन्स स्कोर के आधार पर होगा दाखिला

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के…

16 hours ago

मनौना धाम जा रही श्रद्धालुओं से भरी बस खाई में पलटी 30 घायल

शाहजहाँपुर (राष्ट्र की परम्परा )l तिलहर-दातागंज स्टेट हाईवे पर शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो…

16 hours ago

निकोबार द्वीपसमूह को बचाने के लिए कांग्रेसियों ने भलुअनी में चलाया हस्ताक्षर अभियान

भलुअनी/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) शनिवार को स्थानीय नगर के शिव मंदिर परिसर के पास अखिल भारतीय…

16 hours ago