Friday, February 20, 2026
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श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन चकबाहुदिन गांव में

सिकन्दरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

ग्रामसभा चकबाहुद्दिन में यज्ञाचार्य रंजीत परासर जी के नेतृत्व में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ व श्रीमद् भागवत कथा निर्बाध रूप से चल रहा है।जिसमे आसपास के गांवों के श्रद्धालु बढ़चढ़ कर भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम के तहत गुरुवार को देर रात्रि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान जैसे भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोग झूमने-नाचने लगे।

कथा व्यास पं० आदिशक्ति तिवारी जी महाराज ने व्यासपीठ से कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथावाचक तिवारी जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है। भागवत कथा के आयोजन से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। भगवान श्रीकृष्ण के वेश में नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे।

कथा वाचक ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई,चहुंओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया।

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