Monday, April 27, 2026
Homeउत्तर प्रदेशट्रान्समिशन अस्सेस्मेंट सर्वे (TAS) का किया गया संचालन

ट्रान्समिशन अस्सेस्मेंट सर्वे (TAS) का किया गया संचालन

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में ट्रान्समिशन अस्सेस्मेंट सर्वे (TAS) का संचालन 05-मई सोमवार से किया जा रहा हैं। इस अभियान का शुभारम्भ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संजीव वर्मन की उपस्थिति में बलिया शहर के वार्ड नंबर-13 स्थित कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय से किया गया। TAS गतिविधि, जनपद में फाइलेरिया (हाथीपाव) उन्मूलन के लिए संचालित मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए.) अभियान के प्रभाव का मूल्यांकन एवं भविष्य में एम.डी.ए. अभियान की आवश्यकता के निर्णय के लिए की जा रही हैं। TAS गतिविधि के दौरान चयनित विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 01 और 02 के विद्यार्थियों तथा चयनित गाँवों में 06 से 07 वर्ष के बच्चों के बीच फाइलेरिया संक्रमण की जांच की जाएगी। भौगोलिक स्थिति के आधार पर चयनित प्रत्येक मूल्यांकन इकाई के गाँवों तथा विद्यालयों (राजकीय,निजी, एनजीओ अथवा ट्रस्ट द्वारा संचालित) में विद्यार्थियों की जांच की जाएगी। विद्यालय तथा गाँवों का चयन सैम्पल सर्वे बिल्डर साफ्टवेयर के माध्यम से विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किया गया हैं। इस गतिविधि में चयनित विद्यार्थियों की जांच भारत सरकार द्वारा प्रदत किट द्वारा की जाएगी। यदि गतिविधि के दौरान धनात्मक नमूनों की संख्या कट ऑफ वैल्यू से अधिक पाई जाती है तो वे मूल्यांकन इकाई TAS गतिविधि में असफल मानी जाएगी एवं वहां पर एम.डी.ए. अभियान के 02अतिरिक्त चक्र चलाए जायेंगे तथा पुनः TAS गतिविधि संपत्र कराई जाएगी। यदि धनात्मक नमूनों की संख्या कट ऑफ वैल्यू से कम पाई जाती है,तो वे मूल्यांकन इकाई TAS गतिविधि में पास मानी जाएगी एवं वहां पर एम.डी.ए. अभियान को रोककर पोस्ट वेलिडेशन सर्विलांस का कार्य कराया जाएगा। TAS के दौरान ब्लॉक स्तरीय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं उनकी टीम द्वारा प्रत्येक चयनित विद्यालय में भ्रमण कर प्रभारी अध्यापकों का संवेदीकरण किया जाएगा तथा विद्यार्थियों को फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए जानकारी देते हुए विद्यालय में TAS संबंधी गतिविधियों को सम्पादित कराया जाएगा। TAS गतिविधि में बच्चों की जाँच स्वास्थ्य विभाग के कुशल एवं अनुभवी प्रयोगशाला प्राविधिज्ञो द्वारा किया जायेगा। इस गतिविधि का संपादन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनसमुदाय, चयनित विद्यालयों तथा पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, आई0सी0डी0एस0 आदि के सहयोग से सम्पादित किया जाएगा। गैर मतलब हैं कि फाइलेरिया एक परजीवी संक्रमण है,जो मुख्य रूप से क्युलेक्स प्रजाति मच्छरों के काटने से होता है। इसके लक्षणों में बुखार, लसीका ग्रंथि में सूजन, और प्रभावित अंगों में गंभीर सूजन आदि शामिल हैं, जिसे एलीफेंटियासिस या हाथीपाव भी कहा जाता है। इसके उपचार के लिए, एंटीपैरासिटिक दवाएं दी जाती हैं। मच्छरों के बचाव तथा वातावरण की स्वछता इस बीमारी से बचाव में मुख्य रूप से सहायक हैं। वर्तमान में बलिया जनपद में फाइलेरिया से प्रभावित 4264 मरीज हैं, जिनका उपचार स्वास्थ विभाग द्वारा किया जा रहा हैं। TAS के शुभारम्भ के अवसर पर नोडल अधिकारी वी०बी०डी० डॉ अभिषेक मिश्रा, सहायक मलेरिया अधिकारी सुजीत प्रभाकर, बायोलाजिस्ट हेमंत कुमार, फाइलेरिया निरीक्षक ओम प्रकाश पाण्डेय, शशि, वी०बी०डी कंसल्टेंट रागिनी तथा वरिष्ठ मलेरिया इंस्पेक्टर ताज मोहम्मद, सुशील, राजकुमार, आदि उपस्थित रहे ।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments