Tuesday, February 17, 2026
Homeउत्तर प्रदेशजुर्माना बनाम कर

जुर्माना बनाम कर

मार्च का महीना ख़त्म होने वाला है,
नया वित्तीय वर्ष शीघ्र आने वाला है,
ऐसे में जुर्माना और कर क्या होते है,
यह हम सभी को जान लेना ज़रूरी है।

जुर्माना वह कर होता है जो चूक जाने
पर सरकार को अदा किया जाता है,
और कर तो वह जुर्माना है जो बिना
चूक किये ही अदा किया जाता है।

जुर्माना या फ़ाइन पैसे का एक दंड है,
जिसे कानून की अदालत या अन्य
प्राधिकरण द्वारा किसी छोटे या बड़े
अपराध के लिये तय किया जाता है।

और उस अपराध के लिए सजा
के रूप में भुगतान किया जाना है,
जुर्माने की राशि अक्सर हर मामले
में अलग अलग निर्धारित होती है।

जुर्माने की राशि प्रायः पहले से ही
निर्धारित होती है, उदाहरण के लिए
यातायात कानूनों के उल्लंघन के
लिए भुगतान किया गया पैसा है।

वर्तमान कानून में, निम्न स्तर के
अपराधों के लिए सामुदायिक सेवा
आदेशों या उनके साथ अपेक्षाकृत
छोटे जुर्माने का उपयोग किया जाता है।

बड़ा जुर्माना स्वतंत्र रूप से या छोटी
जेल की सजा के साथ दिया जाता है,
जब न्यायाधीश को लगता है कि
बड़ी मात्रा में प्रतिशोध आवश्यक है।

लेकिन जनता के लिए महत्वपूर्ण
खतरा होने की संभावना नहीं है,
उदाहरणार्थ धोखाधड़ी को अक्सर
बड़े जुर्माने से दंडित किया जाता है।

धोखेबाजों को आमतौर पर पद या
पेशे से प्रतिबंधित कर दिया जाता है,
क्योंकि उन्होंने अपराध करने के लिए
जानबूझ कर दुर्व्यवहार किया होता है।

जुर्माने का उपयोग कभी कभी कर
के रूप में भी किया जा सकता है,
जमानत के लिए भी पैसा जुर्माने
के लिए लगाया जा सकता है।

छोटे अपराध के लिए जुर्माना छोटा,
जैसे भारत में छोटा जुर्माना पाँच से
दस हज़ार तक एवं बड़े अपराधों के
लिए जुर्माना इससे अधिक होता है।

डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र, ‘आदित्य’ ‘विद्यावाचस्पति’

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments