Wednesday, February 25, 2026
Homeबिहार प्रदेशबिहार के सरकारी विद्यालयों की बदल रही है तस्वीर- मृत्युंजय ठाकुर

बिहार के सरकारी विद्यालयों की बदल रही है तस्वीर- मृत्युंजय ठाकुर

हमारे विद्यालय बदल रहे हैं। हमारा बिहार बदल रहा है।।

पटना(राष्ट्र की परम्परा)l बिहार के सरकारी विद्यालयों की तस्वीरें बदलने लगी है। वर्तमान समय में शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे बेहतर प्रयोग से छात्र-छात्राओं की उपस्थिति विद्यालय में शत-प्रतिशत हो रही है। उक्त बातें मृत्युंजय ठाकुर (शिक्षक) नवसृजित प्राथमिक विद्यालय खुटौना यादव टोला, पताही, पूर्वी चम्पारण-सह-प्रदेश मीडिया संयोजक, टीचर्स ऑफ बिहार ने कही है।
उन्होनें ने कहा कि बच्चे विद्यालय में प्रतिदिन विभिन्न प्रकार की नवाचारी गतिविधि के माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और इसमें मुख्य भूमिका विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकों की है जो लगातार बिहार के सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक माहौल तैयार करने को लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
ऐसी नवाचारी गतिविधि को राज्य के सरकारी विद्यालय, शिक्षक एवं छात्रों तक पहुंचाने के लिए बिहार की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी ” टीचर्स ऑफ बिहार-द चेंज मेकर्स ” द्वारा विगत पांच वर्षों से लगातार काम किया जा रहा है जिसका असर अब राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में देखने को मिल रहा है।
उन्होनें कहा कि टीचर्स ऑफ बिहार एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां बिहार के सरकारी विद्यालय के एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट शिक्षक बिहार के सरकारी विद्यालयों की दशा और दिशा बदलने के लिए बिना किसी सरकारी सहायता के निःस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं।
अभी हाल ही में टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद(एनसीईआरटी) ने भी की है और देश के सभी राज्यों में ऐसी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी (पीएलसी) लागू करने की बात की है।
ठाकुर ने कहा कि सरकारी विद्यालय में शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक माहौल तैयार करने को लेकर बिहार के शिक्षकों के लिए टीचर्स ऑफ बिहार एक बेहतर मंच प्रदान करता हैं जहां बिहार ही नही बल्कि अन्य राज्यों से भी लाखों शिक्षक जुड़कर प्रतिदिन अपने विद्यालय में कराये जा रहे नवाचार, गतिविधि व अन्य शैक्षणिक कार्य साझा करते हैं जिसे देखकर अन्य शिक्षक भी प्रेरित होकर अपने विद्यालय में इसे लागू करते हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments