रोटी की है महिमा न्यारी
सबके मन को भाती है,
मेहनत करना हमें सिखाती
रोटी भूख मिटाती है।
सच्ची राह पर चलना निरंतर
रोटी हमें बताती है,
बुरे कर्म से कदम-कदम पर
रोटी सदा बचाती है।
रुकना नहीं है, आगे बढ़ना
रोटी राह दिखाती है,
तूफानों से डटकर लड़ना
रोटी हमें सिखाती है।
सोने-चांदी धन-दौलत से
नींद किसे कब आती है ?
रोटी से ही सच्चा सुख मिलता
दुनिया इसके गुण गाती है ।।
उमेश कुमार पटेल ‘श्रीश’, महराजगंज

