Friday, April 24, 2026
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रामचरितमानस के चार घाट हैं – विजय कौशिक

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) मानस के चार घाट हैं पहला शरणागति घाट, दूसरा कर्मकांड घाट, तीसरा ज्ञान घाट और चौथा भक्ति घाट। शरणागति घाट बनारस में है जहां गोस्वामी तुलसीदास जी राम कथा वाचक एवं संत समाज श्रोता है। कर्मकांड घाट प्रयागराज में है जहां याज्ञवल्क्यजी भारद्वाज मुनि को राम कथा सुनाते हैं। ज्ञान घाट कैलाश पर्वत है जहां महादेव माता पार्वती को राम कथा सुनाते हैं। भक्ति घाट नीलगिरी पर्वत पर है जहां कागभुशुण्डि गरुणजी को राम कथा सुनाते हैं। उक्त बातें मानस मर्मज्ञ विजय कौशिक महाराज नारायण पुर में मुक्ति नाथ मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय कथा में सुना रहे थे।
महाशिवरात्रि के अवसर पर नारायनपुर में मुक्ति नाथ मंदिर में मुक्ति नाथ सेवा समिति द्वारा हर वर्ष शिव विवाह महोत्सव आयोजित किया जाता है। मंदिर में कल से 48 घंटे का अखंड कीर्तन प्रारंभ है 11 ब्राह्मणो द्वारा विश्व कल्याण हेतु रुद्राभिषेक किया गया,आज से 24 घंटे का मानस पाठ आयोजित किया गया है।कल 2100 लड़कियों द्वारा कलश यात्रा एवं शिव बारात निकाली जाएगी। बारात में 25 झांकियां भी विभिन्न देवी देवताओं की चलेंगी।कल पतार भरौली , विश्वभर पुर, लट्ठूडीह के लोगों द्वारा पारंपरिक होली भी मुक्ति नाथ मंदिर में गायी जाएगी। मुक्ति नाथ सेवा समिति के सदस्य युद्ध स्तर पर शिव बारात की तैयारी में जुटे हुए हैं।

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