Saturday, April 18, 2026
HomeUncategorizedशीतलहर में विद्यार्थीयो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है

शीतलहर में विद्यार्थीयो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है

पश्चिमी चंपारण(राष्ट्र की परम्परा)
बिहार के पश्चिमी चंपारण जिला के अंतर्गत सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय के बच्चों को शीतलहर के कारण पढ़ने के लिए विद्यालय जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। शीतलहर में बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे हैं लेकिन बिहार के शिक्षामंत्री ध्यान नहीं दे रहे हैं, की विद्यालय को शीतलहर में बंद कर दिया जाए। अब तो यह नियम बना लिए हैं 9:00 बजे से लेकर 5:00 बजे शाम तक सरकारी स्कूल के बच्चों को पढ़ाया जाएगा। शिक्षा मंत्री को शीतलहर का ख्याल करते हुए विद्यालय को बंद करने की अनुमति दे देनी चाहिए। इससे बच्चे सुरक्षित रहेंगे, बच्चे जब सुरक्षित रहेंगे तो विद्या अध्ययन कर पाएंगे अगर बच्चे ही नहीं सुरक्षित रहेंगे तो, शिक्षक शिक्षा कैसे दे पाएंगे। शीतलहर के प्रकोप से बच्चों को बचाना शिक्षा मंत्री का कर्तव्य बनता है। विद्यार्थी भारत की एक धरोहर है इनको शीतलहर के प्रकोप से बचाया जाना आवश्यक है। शिक्षा विभाग के अपर सचिव के के पाठक सिर्फ शिक्षकों पर नजर गड़ाए हुए हैं की बच्चों को 5:00 बजे तक पढ़ाया जाए, लेकिन चित्रहार का ध्यान नहीं दे रहे हैं। वह तो खुद हीटर का आनंद ले रहे हैं और गरीब विद्यार्थी शीतलहर में ठिठुरने का आनंद ले रहे हैं। वाह नियम कानून, शिक्षा विभाग अपर सचिव के के पाठक ने नियम भी क्या बनाए हैं हंसी भी आती है और डर भी लगता है। नियम कानून को देखकर हाय रे अपर सचिव प्रभारी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments