Friday, March 13, 2026
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स्वास्थ्य सेवाओं के साथ दें उचित सलाह: सीएमओ

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के धनवंतरि सभागार में हेल्थ एन वेलनेस पर तैनात 32 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को सीएमओ डॉ राजेश झा की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान परिवार नियोजन, मातृ एंव शिशु स्वास्थ्य सहित कई अन्य बीमारियों की रोकथाम और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गयी ।

   इस मौके पर सीएमओ डॉ राजेश झा ने कहा कि जनपद में लोगों को घर के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए 250 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर  क्रियाशील हैं। यहां मातृ शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, संचारी रोग एंव अन्य बीमारियों  की रोकथाम, जांच और उपचार सम्बंधित सेवाएं दी जा रहीं है। इन सेवाओं में बढ़ोतरी करते हुए शीघ्र ही मानसिक स्वास्थ्य और ईएनटी सम्बंधित  सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।
         प्रशिक्षण देते हुए एसीएमओ आरसीएच डॉ संजय चंद ने कहा कि परिवार नियोजन एक ऐसी योजना है, जिसमें परिवार की आय, माता का स्वास्थ एवं बच्चों के समुचित पालन पोषण के अलावा बुनियादी शिक्षा को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त समय पर बच्चों को जन्म देना शामिल है।  मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से परिवार नियोजन को महत्वपूर्ण घटक माना गया है। उन्होंने कहा कि इस ठंड के मौसम में नवजात बच्चों को ठंड से बचाने के लिए लाभार्थियों को उचित सलाह दें।     
     इस मौके पर डीसीपीएम राजेश गुप्ता ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को आशा कार्यकर्ता और एएनएम के अलावा स्थानीय स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्वास्थ्य से जुड़े हुए कार्यो को बेहतर तरीके से करना है। सीएचओ ग्रामीण इलाको में स्वास्थ्य  सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने एवं  सभी प्रमुख बीमारियों  से बचाव के साथ ही  उससे संबंधित परामर्श देने और निदान  करवाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
         प्रशिक्षण में डॉ जसवंत मल्ल, अरबन के नोडल अधिकारी डॉ आरपी यादव, डॉ नीलिमा, डॉ मोईनुद्दीन अंसारी सहित सीएचओ नईम खान, रजन शर्मा, सरला गौतम, मयंक तिवारी  और विनोद रस्तोगी प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।

दे रही हैं स्वास्थ्य सेवाएं

      जिगीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ दिव्या ने बताया कि ग्रामीण इलाको में रहते हुए   मरीजों  के इलाज में मदद करना, स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी का संचालन करना,गर्भवती और स्तनपान करने वाली महिलाओ को उचित सलाह देना उनकी भूमिका है ।  उन्होंने कहा कि इसके अलावा आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य से संबंधित सभी तरह के प्राथमिक उपचार मुहैया कराने की जिम्मेदारी उन लोगों की होती  है। प्रशिक्षण में मिली जानकारी से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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