Wednesday, March 25, 2026
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द्रौपदी ने पांडवों को संकट से मुक्ति के लिए किया था करवा चौथ व्रत – आचार्य अजय शुक्ल

1 नवम्बर को मनाया जाएगा करवा चौथ

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) सुहागिन महिलाओं के अखण्ड सौभाग्य का प्रमुख पर्व करवा चौथ व्रत इस बार 1 नवम्बर को रखा जाएगा।इस पर्व के बारे में प्रचलित है कि महाभारत काल में जब पांडवों पर संकट पड़ा था तो उनकी पत्नी द्रौपदी ने इस संकट से मुक्ति के लिए करवा चौथ व्रत रखा था। उक्त बातें बताते हुए आचार्य अजय शुक्ल, जीउत बाबा ने कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार मां पार्वती ने भी करवा चौथ व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया था।इस व्रत के करने से दाम्पत्य जीवन में खुशहाली व समृद्धि आती है, पति दीर्घायु होता है। इस वर्ष करवा चौथ व्रत 1 नवम्बर को मनाया जाएगा।चतुर्थी तिथि की शुरुआत 31 अक्टूबर को रात में 9 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर 1 नवम्बर को रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगी।उदया तिथि 1 नवम्बर को है, इसलिए करवा चौथ व्रत 1 नवम्बर को रखा जायेगा।इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा।इसके लिए शुभ मुहूर्त तीन बन रहे हैं।सुबह पूजन के लिए 1नवम्बर को 7 बजकर 55 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट बजे तक रहेगा।इस दौरान आप अमृत चौघड़िया में सुबह की पूजा कर सकती हैं।इसके बाद 10 बजकर 41 मिनट से लेकर 12 बजकर 4 मिनट तक शुभ मुहूर्त में पूजा कर सकती हैं।शाम की पूजा 5 बजकर 36 मिनट से शाम 6 बजकर 54 मिनट तक करना हैं।रात में चन्द्र उदय का समय 8 बजकर 15 मिनट पर होगा।इस व्रत में सुहागिन महिलाएं सुबह स्नान आदि करने के बाद पवित्र होकर निर्जला उपवास रखने के बाद चन्द्र उदय के बाद पति को छलनी में देखकर आरती उतारने के बाद पति के हाथ जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण करती है

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