Saturday, February 21, 2026
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हाईकोर्ट के मुकदमे को नहीं मान रहे हैं जल निगम के ठेकेदार व गांव के प्रधान

पीड़ित ने लगाई मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार

आजमगढ़ ( राष्ट्र की परम्परा )
जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के ग्राम सभा चालाकपुर निवासी मीता पुत्र स्वर्गीय शोभा, छोटेलाल, जीतेंद्र, तीजू पुत्र गण स्वर्गीय लालचंद, रामजीत फेकन छोटेलाल पुत्र गण स्वर्गीय हरीश चंद्र चलाकपुर थाना रौनापार ब्लॉक बिलरियागंज परगना तहसील सगड़ी का इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जमीन से संबंधित आराजी नंबर 35 रकबा 11 हेक्टेयर , आराजी 197 रकबा 134 हेक्टेयर व अरजी 59 रकबा 137 हेक्टेयर स्थित मौजा बहिरापुर हज्जाम पट्टी, परगना तहसील सगड़ी जनपद आजमगढ़ के बाबत उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचीका नंबर 44 13 710 2023 मीता बनाम स्टेट ऑफ यूपी एवं अन्य विचाराधीन है । पीड़ित ने मीडिया को बताया कि विवादित जमीन पीड़ित और उसके परिवार के नाम भूमिधरी है ।पीड़ित का आरोप है कि ग्राम प्रधान रसूलपुर पीड़ित से रंजिश रखते हैं, इस कारण लगभग रसूलपुर से 3 किलोमीटर दूर चालाक पुर के बार्डर पर आकर, न्यायालय में विचाराधीन जमीन पर जल निगम की बोरिंग करवा रहे हैं जबकि इस संबंध में जल निगम के ठेकेदार से भी पूछा गया तो उनका कहना था कि अभी तो न्यायालय में मुकदमा नही चल रहा है स्टे नहीं है । इसलिए हम काम करेंगे जब मुकदमा फाइनल होगा तो देखा जाएगा । वही पीड़ितों का कहना है कि अगर इस जमीन पर जल निगम की टंकी बैठ गई तो हम 12 भाई बेसहारा हो जाएंगे, क्योंकि इस जमीन में हमारा घर मकान खेती बारी और ट्यूबवेल सब कुछ है।
इस संबंध में पीड़ित ने एसडीएम सगड़ी जिलाधिकारी आजमगढ़ सहित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री से भी न्याय की गुहार लगाकर हाथ में न्यायालय में विचाराधीन मुकदमा की कॉपी लेकर न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है ।
मीडिया का सहारा लेते हुए उसने बताया कि अगर यहां पर जल निगम की टंकी बैठ जाएगी तो हम 12 भाई हैं और 12 बिस्वा जमीन हमारे हाथ से निकल जाएगी और हम लोग बेघर हो जाएंगे तथा फुटपाथ पर आ जाएंगे । जबकि रसूलपुर गांव में और भी जमीन है ग्राम प्रधान चाहे तो जल निगम के लिए 3 किलोमीटर दूर न आकर गांव में ही कहीं अन्य जगह पर जल निगम की बोरिंग करवा सकते हैं, इस संबंध में जब टेलीफोन द्वारा ग्राम प्रधान से जानने का प्रयास किया गया तो कई बार फोन करने के बाद भी ग्राम प्रधान के टेलीफोन की घंटी तो बजी किंतु समाचार लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया।

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