
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) जनपद के मिहींपुरवा – कर्तनिया वन्यजीव क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात चर्चा का विषय बना हुआ है। एक हफ्ते में 2 व्यक्तियों की मौत से वन विभाग भी सकते में है। हाथियों को काबू में करने के लिए हाथी विशेषज्ञों की भी सहायता ली जायेगी। डीएफओ के निर्देश पर सभी वन्य क्षेत्रों के वनकर्मी गांव गांव ग्रामीणों संग चौपाल लगाकर लोगों को हाथियों से बचाव की जानकारी दे रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में हाथियों ने सैकड़ो बीघा फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। प्रभागीय वन अधिकारी कर्तनिया आकाशदीप भगवान ने कहा कि हाथियों से बचाव को लेकर वन कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वह गांव गांव चौपाल लगाकर ग्रामीणो को वन्यजीवों से बचाव हेतु टिप्स देते रहें। डीएफओ ने कहा कि जो हाथी उपद्रवी है उन्हें हाका लगाकर घने जंगल में पहुंचाया जायेगा।
उपद्रव मचा रहे हाथियों को लेकर दुधवा में कार्य कर रहे हाथी विशेषज्ञ अभिषेक ने बताया कि आमतौर हाथी झुंडो में पाये जाते है। नर हाथियों का झुंड अलग ह़तू है और मादा हाथी अलग झुंड में रहती हैं। कभी-कभी नर हाथियों में से दो या तीन हाथी अपना अलग ग्रुप बना लेते है। अलग ग्रुप बनाने वाले हाथी ही उपद्रव मचाते है। हाथी विशेषज्ञ ने कहा कि उपद्रवी हाथियों को वनकर्मियों की मदद से रिहायशी इलाकों से हटाया जायेगा ।
