
प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का संयुक्त परीक्षा कार्यक्रम सामने आया है। उपलब्ध परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, परीक्षाएं 5 फरवरी 2027 से शुरू होनी हैं। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, इतिहास, भूगोल, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, वाणिज्य, कृषि और व्यावसायिक शिक्षा सहित विभिन्न विषयों की परीक्षाएं निर्धारित की गई हैं। परीक्षा कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब उन्हें अपनी तैयारी विषयवार और समय के अनुसार व्यवस्थित करनी होगी।
परीक्षा कार्यक्रम में सुबह और शाम की दो पालियां निर्धारित की गई हैं। पहली पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक रखी गई है। विद्यार्थियों को अपने प्रवेश पत्र और परिषद की आधिकारिक समय-सारिणी से विषय, प्रश्नपत्र, तारीख और पाली का मिलान अवश्य करना चाहिए।

5 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षाओं में हिंदी का पेपर
उपलब्ध विवरण के अनुसार, शुक्रवार 5 फरवरी 2027 को सुबह की पाली में हाईस्कूल की हिंदी और प्रारंभिक हिंदी की परीक्षा निर्धारित है। इसी दिन इंटरमीडिएट की हिंदी और सामान्य हिंदी की परीक्षा शाम की पाली में रखी गई है। इसके बाद 8 फरवरी को हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा तथा इंटरमीडिएट के विभिन्न विषयों और व्यावसायिक शिक्षा के प्रश्नपत्रों का कार्यक्रम दिया गया है।
9 फरवरी को एनसीसी और मानव विज्ञान जैसे विषयों का उल्लेख है। 10 फरवरी को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंग्रेजी परीक्षा के साथ कृषि शस्य विज्ञान तथा नागरिक शास्त्र से संबंधित प्रश्नपत्र भी सूचीबद्ध हैं। विद्यार्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि एक ही दिन अलग-अलग कक्षाओं और विषयों की परीक्षाएं अलग-अलग पालियों में हो सकती हैं।

फरवरी में विज्ञान, गणित, संस्कृत और अन्य विषयों की परीक्षा
कार्यक्रम में 12 फरवरी को गृह विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित सहित कई विषयों का उल्लेख है। गृह विज्ञान की परीक्षा में बालिकाओं तथा उन बालकों और बालिकाओं के लिए अलग-अलग विषय संबंधी प्रावधान दिए गए हैं, जिन्होंने इसे अनिवार्य विषय के रूप में नहीं लिया है। 13 फरवरी को गणित की परीक्षा निर्धारित होने का उल्लेख है। 15 फरवरी को संस्कृत तथा 16 फरवरी को विभिन्न भारतीय भाषाओं, अर्थशास्त्र, संगीत और कृषि से जुड़े प्रश्नपत्रों का विवरण दिया गया है।

इसके बाद 17 फरवरी को विज्ञान, भूगोल और कृषि से संबंधित विषयों का उल्लेख मिलता है। आगे की तारीखों में संगीत, कंप्यूटर, सिलाई, वाणिज्य, उर्दू, चित्रकला, संस्कृत, पालि, अरबी, फारसी, कृषि, भौतिक विज्ञान, सैन्य विज्ञान, मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, तर्कशास्त्र और व्यवसाय अध्ययन जैसे विषय शामिल हैं। हालांकि, उपलब्ध स्कैन की गई प्रति में कई स्थानों पर तारीखों और विषयों का क्रम स्पष्ट नहीं है। इसलिए इन विषयों की सटीक तारीख की पुष्टि आधिकारिक मूल समय-सारिणी से करना जरूरी है।
व्यावसायिक शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए भी अहम कार्यक्रम
परीक्षा कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी अनेक ट्रेड और विषय शामिल हैं। इनमें कंप्यूटर तकनीक एवं रखरखाव, डाटा एंट्री, मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, सोलर सिस्टम रिपेयर, हेल्थकेयर, सुरक्षा, पर्यटन एवं आतिथ्य, खुदरा व्यापार, बैंकिंग, बीमा, सिलाई, खाद्य संरक्षण, पाकशास्त्र और टेक्सटाइल डिजाइन जैसे विषयों का उल्लेख है। कुछ विषयों के लिए प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम प्रश्नपत्र अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं।
कृषि वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी कृषि शस्य विज्ञान, कृषि वनस्पति विज्ञान, कृषि अर्थशास्त्र, कृषि भौतिकी एवं जलवायु विज्ञान, कृषि जन्तु विज्ञान, कृषि अभियंत्रण तथा कृषि रसायन विज्ञान जैसे प्रश्नपत्र सूचीबद्ध हैं। ऐसे विद्यार्थियों को अपने वर्ग और विषय संयोजन के अनुसार समय-सारिणी की जांच करनी चाहिए, ताकि किसी प्रश्नपत्र की तारीख को लेकर भ्रम न रहे।
विद्यार्थी अभी से कैसे करें तैयारी?
परीक्षा कार्यक्रम सामने आने के बाद विद्यार्थियों को सबसे पहले अपने सभी विषयों की तारीखों की सूची तैयार करनी चाहिए। जिन विषयों में अधिक कठिनाई है, उनके लिए नियमित अभ्यास और पुनरावृत्ति का समय निर्धारित करना उपयोगी होगा। गणित, विज्ञान और लेखाशास्त्र जैसे विषयों में लिखकर अभ्यास करना चाहिए, जबकि इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में महत्वपूर्ण तथ्यों तथा उत्तर लेखन पर ध्यान देना चाहिए।
विद्यार्थियों को केवल संभावित प्रश्नों पर निर्भर रहने के बजाय पाठ्यक्रम के सभी प्रमुख अध्यायों की तैयारी करनी चाहिए। मॉडल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास समय-सीमा के भीतर करने से परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन में मदद मिल सकती है। अभिभावकों को भी बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय पढ़ाई के लिए शांत वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए।
आधिकारिक समय-सारिणी की पुष्टि जरूरी
यह परीक्षा कार्यक्रम स्कैन की गई सामग्री के आधार पर तैयार किया गया विवरण है। इसमें कुछ तारीखों, विषयों और पालियों का क्रम अस्पष्ट तथा कुछ स्थानों पर पाठ विकृत है। इसलिए इसे अंतिम और पूरी तरह सत्यापित समय-सारिणी न माना जाए। विद्यार्थी माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर उपलब्ध मूल परीक्षा कार्यक्रम से अपने विषयों की तारीख और समय की पुष्टि अवश्य करें।
परीक्षा में शामिल होने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के लिए सही समय-सारिणी जानना उतना ही जरूरी है, जितना नियमित पढ़ाई करना। किसी एक तारीख या पाली को गलत समझने से परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आधिकारिक कार्यक्रम का मिलान करके ही अपनी अंतिम अध्ययन योजना तैयार करें।
