
घनश्याम तिवारी की रिपोर्ट

बलिया, (राष्ट्र की परम्परा)। जितिया व्रत की तैयारी के बीच बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मड़ुआ के आटे से बनी लिट्टी-रोटी खाने के बाद करीब 45 महिलाओं और बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। असचौरा और चौकन (छाता) गांव में क्सुबह हुई इस घटना के बाद कई बीमार लोगों को बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर कई मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
बताया गया कि महिलाएं अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर जितिया व्रत की तैयारियों में जुटी थीं। इसी दौरान करीब 11 बजे कुछ घरों में मड़ुआ के आटे से तैयार लिट्टी-रोटी खाने के बाद महिलाओं और बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। देखते ही देखते अलग-अलग घरों से उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और कमजोरी की शिकायतें सामने आने लगीं।
कुछ मरीजों के मुंह से झाग निकलने और शरीर में झटके आने की बात भी परिजनों ने बताई। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से गांव में हड़कंप मच गया। परिजन आनन-फानन में प्रभावित लोगों को बांसडीह सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया।
चिकित्सकों के मुताबिक, कुछ मरीजों में संदिग्ध पॉइजनिंग जैसे लक्षण दिखाई दिए हैं। इसी आधार पर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जिन लोगों की स्थिति अधिक गंभीर थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
चक्की से पिसवाया गया था मड़ुआ का आटा
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के सुशील सिंह ने चक्की से मड़ुआ का आटा पिसवाया था। इसी आटे से लिट्टी-रोटी तैयार की गई थी। भोजन करने के बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत बिगड़ने से अब आटे और तैयार खाद्य सामग्री की जांच कराई जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बीमारी की वास्तविक वजह मड़ुआ का आटा था या खाद्य सामग्री में किसी अन्य कारण से संदूषण हुआ।
बलिया के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि तीन महिलाओं की हालत गंभीर है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सहित संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। टीम खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच कर रही है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लोगों के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह क्या रही।
