गेहूं-धान के साथ सब्जी की खेती पर जोर, यूपी के किसानों को मिल सकता है 24 हजार रुपये तक अनुदान


लखनऊ/उत्तर प्रदेश(राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ सब्जियों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने की तैयारी है। उद्यान विभाग से जुड़ी योजना के तहत विभिन्न प्रकार की सब्जियों और खेती की श्रेणी के अनुसार किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 हजार से 24 हजार रुपये तक अनुदान मिलने की जानकारी सामने आई है। खास तौर पर संकर यानी हाइब्रिड सब्जियों की खेती के लिए अधिकतम 24 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता का प्रावधान बताया गया है।
हाइब्रिड सब्जियों पर 24 हजार रुपये तक
योजना के तहत टमाटर, शिमला मिर्च, ब्रोकली, बंदगोभी, फूलगोभी और हाइब्रिड मिर्च जैसी सब्जियों की खेती को शामिल किए जाने की जानकारी है। इन फसलों के लिए अनुमानित लागत 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मानी गई है और लागत के 40 प्रतिशत तक, अधिकतम 24 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान बताया गया है।
वहीं कद्दू, लौकी, तोरई, भिंडी तथा हरी पत्तेदार सब्जियों जैसी सामान्य या ओपन पॉलिनेटेड फसलों के लिए अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता की जानकारी दी गई है। मसाला फसलों के अलावा प्याज और लहसुन के क्षेत्र विस्तार के लिए भी 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक प्रोत्साहन राशि मिलने का उल्लेख है।
एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि तक लाभ दिए जाने की जानकारी है।
किन किसानों को मिल सकता है लाभ?
योजना के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी बताया गया है। किसान के नाम खेती योग्य भूमि की नवीनतम खतौनी होना आवश्यक है। यदि किसान पट्टे की जमीन पर खेती करता है तो जमीन मालिक के साथ निर्धारित अवधि का पंजीकृत लीज एग्रीमेंट मांगा जा सकता है।
योजना में लघु एवं सीमांत किसानों के साथ महिला तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के किसानों को प्राथमिकता दिए जाने की जानकारी है। हालांकि वास्तविक पात्रता और प्राथमिकता संबंधित जिले में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होगी।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?
ऑनलाइन आवेदन करते समय सामान्य तौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत बताई गई है:
आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर
नवीनतम खतौनी
बैंक पासबुक की प्रति
पासपोर्ट साइज फोटो
वोटर आईडी या पैन कार्ड जैसे पहचान पत्र
अनुदान की राशि DBT के माध्यम से प्राप्त करने के लिए बैंक खाते का आधार से लिंक होना तथा NPCI मैपिंग होना आवश्यक बताया गया है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
किसान उद्यान विभाग के ऑनलाइन पोर्टल dbt.uphorticulture.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। जिन किसानों को ऑनलाइन आवेदन में परेशानी हो, वे CSC जनसेवा केंद्र की सहायता भी ले सकते हैं।
पहला चरण: पोर्टल पर जाकर किसान पंजीकरण करें और आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
दूसरा चरण: लॉगिन के बाद संबंधित उद्यान योजना में ‘सब्जी क्षेत्र विस्तार’ विकल्प का चयन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन जमा करें।
तीसरा चरण: आवेदन के बाद ब्लॉक स्तर पर संबंधित विभागीय अधिकारी दस्तावेजों का सत्यापन कर सकते हैं।
चौथा चरण: दस्तावेज सही पाए जाने के बाद खेत का निरीक्षण किया जा सकता है। फसल की स्थिति की जांच के दौरान खेत की जियो-टैग तस्वीर भी ली जा सकती है।
पांचवां चरण: निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन पूरा होने और सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद अनुदान राशि किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जा सकती है।
लक्ष्य पूरा होने पर बंद हो सकता है आवेदन

योजना से संबंधित उपलब्ध जानकारी में आवेदन को जिलेवार निर्धारित लक्ष्य के आधार पर स्वीकार किए जाने और ‘पहले आओ, पहले पाओ’ व्यवस्था का उल्लेख है। इसका मतलब है कि किसी जिले का निर्धारित लक्ष्य पूरा होने के बाद नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं।
इसलिए इच्छुक किसानों को आवेदन करने से पहले अपने जिले के उद्यान विभाग कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल पर योजना की वर्तमान स्थिति, पात्रता, अनुदान राशि और उपलब्ध लक्ष्य की पुष्टि कर लेना चाहिए। योजना के नियम, लक्ष्य और आवेदन की अंतिम तिथि जिले या वित्तीय वर्ष के अनुसार अलग हो सकती है।