एक सप्ताह से तेंदुए की चहलकदमी से दहशत, पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में तेंदुए का आतंक जानलेवा हो गया है। बृहस्पतिवार देर रात बाजपुर बनकटी ग्राम पंचायत के सीतारामपुरवा में नहर किनारे फूस के कच्चे मकान में अकेली सो रही करीब 86 वर्षीय वृद्धा पर तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुआ वृद्धा को घर के पीछे स्थित हल्दी के खेत की ओर घसीट ले गया, जहां उनकी मौत हो गई।मृतका की पहचान फूलवती पत्नी स्व. प्रभु, निवासी सीतारामपुरवा, नहर बाजार, बाजपुर बनकटी के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार वृद्धा फूस के मकान में अकेली सो रही थीं। मकान में दरवाजा नहीं था और प्रवेश स्थान पर केवल टाट लगा हुआ था। इसी दौरान तेंदुआ घर में घुस आया और वृद्धा पर हमला कर दिया।चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक तेंदुआ वृद्धा को घसीटकर घर के पीछे हल्दी के खेत की ओर ले जा चुका था। सुबह ग्रामीणों ने नाले के पास वृद्धा का शव देखा तो गांव में चीख-पुकार मच गई।सूचना मिलते ही कतर्नियाघाट रेंज की वन विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। रेंजर नीरज श्रीवास्तव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। सुजौली थाना प्रभारी गोविंद वर्मा ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।मृतका की पांच बेटियां सुनीता, महारानियां, रमावती, महारानी सहित एक अन्य बेटी की शादी हो चुकी है। उनका एक बेटा सोहन है, जिसकी शादी नहीं हुई है और वह मां के साथ रहता था। ग्रामीणों के मुताबिक घटना के समय सोहन मजदूरी के सिलसिले में बाहर गया हुआ था।

एक दिन पहले बकरी को बनाया था निवाला

ग्रामीणों का कहना है कि सीतारामपुरवा, चफरिया और नहर बाजार क्षेत्र में पिछले करीब एक सप्ताह से तेंदुए की लगातार चहलकदमी देखी जा रही थी। घटना से एक दिन पहले इसी क्षेत्र के आसपास तेंदुए द्वारा एक बकरी को भी मारने की बात ग्रामीणों ने बताई। ग्रामीणों के अनुसार इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन मौके पर कोई वनकर्मी नहीं पहुंचा।घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की लगातार मौजूदगी को देखते हुए समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता था। हालांकि वन विभाग की ओर से इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने, प्रभावित गांवों में गश्त बढ़ाने तथा पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।