संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद की पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जल निगम ग्रामीण एवं कार्यदायी संस्थाओं ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
समीक्षा में बताया गया कि जनपद की 461 पेयजल योजनाओं के तहत 492 ट्यूबवेल के सापेक्ष 485 की बोरिंग पूरी हो चुकी है। इनसे 802 राजस्व ग्रामों में शिरोपरि जलाशय एवं सीधे पंप के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। साथ ही 863 राजस्व ग्रामों में रोड रेस्टोरेशन का कार्य पूरा हो चुका है। 461 योजनाओं में से 95 योजनाएं पूर्ण होकर अनुरक्षण में जा चुकी हैं। जिलाधिकारी ने जुलाई तक 44 एकल एवं बहुग्राम पेयजल योजनाओं (एसवीएस एवं एमवीएस) को पूरा करने का लक्ष्य कार्यदायी संस्थाओं को दिया।
जिलाधिकारी श्री कुमार ने सभी योजनाओं में गुणवत्ता के साथ कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विवादित भूमि एवं पहुंच मार्ग से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान के लिए उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में परसामाफी पेयजल योजना की जलापूर्ति बाधित होने का मामला भी उठा। कार्यदायी संस्था ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान मुख्य पाइप क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति बंद हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने पाइपलाइन तत्काल ठीक कराने तथा व्यय की मांग लोक निर्माण विभाग से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने धीमी प्रगति वाली योजनाओं में अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराकर कार्य तेज करने, नियमित मॉनिटरिंग और स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, जल निगम ग्रामीण के अधिकारी, जूनियर इंजीनियर, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
