✍️ विजय गुंजन
जीवन के कुरुक्षेत्र में हर मोड़ पर चक्रव्यूह रचे हैं
चाहे जितना प्रयत्न कर लो युद्ध तो करना ही पड़ेगा
अर्जुन का गांडीव है ये मन
और विचार गदा भीम की
बिना पार्थ के कलयुग में यहां तो लड़ना ही पड़ेगा
चाहे जितना प्रयत्न कर लो युद्ध तो करना ही पड़ेगा
हर पल यहाँ चौसर का खेल
जय पराजय दोनों का मेल
जब वनवास दुखों का आये तो सहना ही पड़ेगा
चाहे जितना प्रयत्न कर लो युद्ध तो करना ही पड़ेगा
दुशासन और शकुनि का डेरा
चारों ओर दुर्योधनों का घेरा
लाक्षागृह की लपटों से तुझको तो बचना ही पड़ेगा
चाहे जितना प्रयत्न कर लो युद्ध तो करना ही पड़ेगा
महायुद्ध विकराल है ये
सबसे कठिन सवाल है ये
गीता के संदेशों को स्वयं से तो कहना ही पड़ेगा
चाहे जितना प्रयत्न कर लो युद्ध तो करना ही पड़ेगा
अंत नहीं ये शांति पर्व का
समय है ये एक नए गर्व का
विपदाओं के अवशेषों से ही नया नगर रचना ही पड़ेगा
चाहे जितना प्रयत्न कर लो युद्ध तो करना ही पड़ेगा
मर्यादाओं ने तोड़ी मर्यादा
ह्रदय हो गया आधा आधा
इच्छाओं को कम करने का वचन तो रखना ही पड़ेगा
चाहे जितना प्रयत्न कर लो युद्ध तो करना ही पड़ेगा
इस बार सुनेगें विदुर की बात
पुत्र मोह को मिलेगी मात
अंत:करण के विधानों को बिना शर्त बदलना ही पड़ेगा
चाहे जितना प्रयत्न कर लो युद्ध तो करना ही पड़ेगा
