Friday, May 22, 2026
HomeNewsbeatगोरखपुर की गंगा गैस एजेंसी पर 33 लाख का जुर्माना

गोरखपुर की गंगा गैस एजेंसी पर 33 लाख का जुर्माना

उपभोक्ताओं को रात भर गोदाम पर रुकने को किया मजबूर—बीपीसीएल की सख्त कार्रवाई

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने गंगा गैस एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने एजेंसी पर 33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी न करने, वितरण व्यवस्था में अव्यवस्था फैलाने और मनमानी करने के आरोपों के चलते की गई है।
जानकारी के मुताबिक, गंगा गैस एजेंसी के खिलाफ लंबे समय से उपभोक्ताओं द्वारा शिकायतें की जा रही थीं। शिकायतों में प्रमुख रूप से यह सामने आया कि एजेंसी जानबूझकर उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुविधा नहीं दे रही थी। इसके बजाय लोगों को एजेंसी और गैस गोदाम के बाहर लंबी लाइनों में खड़ा होने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
एजेंसी की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर पाने के लिए रात में ही गोदाम के बाहर पहुंचकर इंतजार करना पड़ता था। लोग शाम से ही लाइन में लग जाते थे और पूरी रात खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर होते थे, ताकि सुबह नंबर लग सके। इसके बावजूद, जब वितरण शुरू होता था तो कई उपभोक्ताओं को यह कहकर लौटा दिया जाता था कि गैस खत्म हो गई है या स्टॉक उपलब्ध नहीं है।
महिलाएं, बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले लोग इस अव्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित होते थे। पूरी रात इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटना उनके लिए न केवल समय और पैसे की बर्बादी थी, बल्कि मानसिक और शारीरिक परेशानी का कारण भी बन रहा था। उपभोक्ताओं ने इसे अमानवीय स्थिति बताते हुए कई बार शिकायत दर्ज कराई।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी के कर्मचारियों पर उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और वितरण में पारदर्शिता न बरतने के भी आरोप लगे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि एजेंसी द्वारा कृत्रिम रूप से लाइन लगवाकर वितरण किया जा रहा था, जो कंपनी के दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
बीपीसीएल द्वारा की गई जांच में शिकायतों को सही पाया गया। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि एजेंसी ने कंपनी के नियमों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है तथा उपभोक्ता सेवाओं में गंभीर लापरवाही बरती है। विशेष रूप से होम डिलीवरी जैसी बुनियादी सुविधा में कोताही को कंपनी ने गंभीर ‘मिसकंडक्ट’ माना।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि सभी गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को समयबद्ध और सुविधाजनक होम डिलीवरी उपलब्ध कराई जाए। इसके बावजूद गंगा गैस एजेंसी द्वारा इन निर्देशों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी के इस रवैये से वे लंबे समय से परेशान थे। कई बार शिकायत करने के बावजूद जब सुधार नहीं हुआ, तब मामला कंपनी के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। अब इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि व्यवस्था में सुधार होगा और उन्हें राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई अन्य गैस एजेंसियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि उपभोक्ता हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कंपनियां अब सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर अधिक सख्त रुख अपना रही हैं।
बीपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में भी एजेंसी द्वारा इस तरह की लापरवाही दोहराई जाती है, तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने तक का प्रावधान शामिल है।
कुल मिलाकर, गंगा गैस एजेंसी पर लगाया गया 33 लाख रुपये का जुर्माना न केवल एक दंडात्मक कार्रवाई है, बल्कि यह एक सख्त चेतावनी भी है कि उपभोक्ताओं को परेशान करने और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब कठोर कदम उठाए जाएंगे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments