Friday, May 8, 2026
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युद्धग्रस्त अरब देशों के पुनर्निर्माण में जुटेंगे यूपी के कुशल हाथ

खाड़ी देशों में रोजगार के नए अवसर, पूर्वांचल के युवाओं में बढ़ा उत्साह

घनश्याम तिवारी

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।

युद्ध और संघर्ष से प्रभावित अरब देशों में अब पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से शुरू होने जा रहा है। खाड़ी देशों में बड़े स्तर पर भवन, सड़क, आवासीय परियोजनाओं तथा औद्योगिक ढांचे को दोबारा विकसित करने की तैयारी चल रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के नए अवसर खुल गए हैं। विदेश मंत्रालय और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के सहयोग से प्रदेश के कुशल एवं अर्धकुशल श्रमिकों को खाड़ी देशों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकारी स्तर पर रोजगार सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से अभ्यर्थियों का पंजीकरण कराया जा रहा है। इसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, प्लंबर, टेक्निशियन, मशीन ऑपरेटर, केटरिंग फोरमैन और निर्माण कार्य से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार चयनित युवाओं की तैनाती औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अलग-अलग देशों में की जाएगी।बताया जा रहा है कि इन नौकरियों में प्रतिमाह 45 हजार रुपये से लेकर 80 हजार रुपये तक वेतन मिलने की संभावना है। इसके साथ ही रहने, खाने और अन्य सुविधाएं भी कई कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार की ओर से दस्तावेज सत्यापन और चयन प्रक्रिया को भी पारदर्शी एवं निःशुल्क रखा गया है, जिससे युवाओं को किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।पूर्वांचल, खासकर बलिया, गाजीपुर, मऊ और आजमगढ़ के युवाओं में विदेश रोजगार को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। पहले भी बड़ी संख्या में पूर्वांचल के युवा खाड़ी देशों में काम कर चुके हैं। अब युद्ध प्रभावित देशों में पुनर्निर्माण कार्य शुरू होने से रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़े हैं।जिला रोजगार कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं का चयन उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर किया जाएगा। चयन प्रक्रिया लखनऊ में आयोजित होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि विदेशों में रोजगार पाने वाले युवाओं के लिए यह सुनहरा अवसर साबित हो सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि विदेशी मुद्रा के रूप में देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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