गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुक्रवार प्रातःकाल विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से भव्य स्कूटी रैली का आयोजन किया गया। रैली उत्साह और अनुशासन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
यह रैली पूर्व में आयोजित मानव श्रृंखला एवं पदयात्रा की कड़ी के रूप में निकाली गई, जिससे अभियान को निरंतरता मिली। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ शहर के आमजन तक अधिनियम के महत्व को पहुंचाना रहा।
रैली में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों ने स्कूटी और मोटरसाइकिल के साथ सहभागिता की। कई प्रतिभागियों ने केसरिया साफा पहनकर उत्साह और एकजुटता का परिचय दिया। ढोल-नगाड़ों और नारों से वातावरण ऊर्जावान बना रहा।
रैली विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः वहीं समाप्त हुई। “नारी शक्ति राष्ट्र शक्ति” और “सशक्त नारी, समृद्ध भारत” जैसे नारों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग में भी महिलाओं के लिए आरक्षण, सीटों का रोटेशन तथा जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इससे नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और लोकतंत्र अधिक समावेशी बनेगा।
कुलपति प्रो पूनम टंडन ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने के साथ राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को सशक्त करेगा।
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो. दिव्या रानी सिंह ने प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और समानता की भावना को मजबूत करते हैं।
रैली के दौरान प्रतिभागियों को हेल्पलाइन नंबर 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. अनुपमा कौशिक, डॉ. संध्या त्रिपाठी, डॉ. सुधा मोदी, डॉ. के. सुनीता, डॉ. सुषमा पांडेय, डॉ. सुषमा श्रीवास्तव, डॉ. संध्या श्रीवास्तव, डॉ. सारिका जायसवाल, डॉ. अनीता सिंह, डॉ. स्नेहलता सिंह और डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव सहित कई शिक्षकों व अधिकारियों की उपस्थिति रही।
