Saturday, April 11, 2026
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मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी पहल, विश्वविद्यालय में जल्द शुरू होगी नेट-जेआरएफ कोचिंग

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा मेधावी विद्यार्थियों के लिए यूजीसी नेट/जेआरएफ (जून परीक्षा) की तैयारी हेतु विशेष कोचिंग कक्षाओं का संचालन शुरू किया जा रहा है। यह पहल कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों में लागू की जाएगी।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के इक्विटी इनिशिएटिव के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में स्थापित नेट लर्निंग सेंटर के माध्यम से इन कक्षाओं का संचालन होगा। ये कक्षाएं जल्द प्रारंभ होकर लगभग डेढ़ माह तक चलेंगी। इच्छुक विद्यार्थी अपने-अपने विभागों में पंजीकरण कराकर इसका लाभ ले सकेंगे।
इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा पीएम उषा के तहत पिछले वर्ष और वर्तमान सत्र को मिलाकर लगभग 67 लाख रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। इस पहल का उद्देश्य उच्च शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफलता के लिए सक्षम बनाना है।
कार्यक्रम के तहत नियमित कक्षाओं के साथ-साथ विषय विशेषज्ञों और अनुभवी शिक्षकों द्वारा विशेष व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें परीक्षा रणनीति, समय प्रबंधन, प्रश्नों के विश्लेषण और उत्तर लेखन तकनीकों पर विशेष फोकस रहेगा।
पूर्व में संचालित कोचिंग कक्षाओं के परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने यूजीसी और सीएसआईआर नेट/जेआरएफ परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। हर वर्ष लगभग 250 से 300 विद्यार्थी इन परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अनुशासन और समर्पण के साथ इन कक्षाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।
इस संबंध में डीएसडब्ल्यू प्रो. अनुभूति दुबे ने बताया कि कुलपति के निर्देशानुसार सभी संबंधित विभागों द्वारा कोचिंग कक्षाओं के संचालन की तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं।
विदित हो कि यूजीसी नेट उच्च शिक्षा में अध्यापन के लिए अनिवार्य योग्यता मानी जाती है। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर फेलोशिप मिलने से शोध कार्य के अवसर बढ़ते हैं और रोजगार की संभावनाएं भी सुदृढ़ होती हैं।

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