सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर नगर के ईचौना पश्चिमी वार्ड में गोष्ठी का आयोजन कर Samuel Hahnemann की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण कर की गई।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए Nisha Tiwari ने कहा कि डॉ सैमुअल हैनिमैन होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक थे। उन्होंने 18वीं सदी के अंत में इस चिकित्सा प्रणाली की स्थापना की, जो आज भी विश्वभर में प्रचलित है। उनकी प्रसिद्ध कृति Organon of Medicine आज भी होम्योपैथी चिकित्सकों के लिए मार्गदर्शक मानी जाती है।
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इस अवसर पर Dharmendra Pandey ने कहा कि होम्योपैथी एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जिसमें रोग का उपचार उन्हीं तत्वों से किया जाता है जो उसके लक्षण उत्पन्न करते हैं। उन्होंने बताया कि यह पद्धति सुरक्षित है और इसमें साइड इफेक्ट न के बराबर होते हैं।
कार्यक्रम में डॉ एस के तिवारी, मनोज पांडेय, राजकुमार पटवा, अमित कुमार यादव, अखिलेश मिश्र, मोहन प्रसाद, सुनील तिवारी, सत्यम पांडेय, रमेश मद्देशिया और मुन्ना नाथ तिवारी सहित कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
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