बलिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में किसानों के हित में चलाए जा रहे फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान को तेज करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गंगा बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक सभी ग्राम पंचायतों में विशेष कैंप लगाकर इस अभियान को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उनका लक्ष्य है कि अप्रैल माह के भीतर ही शत-प्रतिशत फॉर्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित कर ली जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए जनपद, तहसील और ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से हर दो घंटे में प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी, ताकि कार्य की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके और आवश्यकतानुसार तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कैंप की जानकारी पहले से ही ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधियों को दे दी जाए, जिससे अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।किसानों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रशासन ने जमीनी स्तर पर भी विशेष रणनीति बनाई है। जिलाधिकारी ने सफाई कर्मियों, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और कोटेदारों की मदद लेने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को कैंप स्थल तक लाने में सहयोग मिल सके। इससे ग्रामीण स्तर पर जागरूकता भी बढ़ेगी और अधिक संख्या में किसान रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।बैठक में जिलाधिकारी ने लेखपालों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के नाम खतौनी में गलत दर्ज हैं या जिनके अंश निर्धारण में त्रुटि है, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। यदि ये त्रुटियां समय रहते ठीक नहीं की गईं, तो फॉर्मर रजिस्ट्री में बाधा उत्पन्न हो सकती है और किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए राजस्व विभाग को इस दिशा में तेजी और सटीकता के साथ कार्य करने को कहा गया है। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन गांवों में अब तक फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति धीमी है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए और प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करते हुए 15 अप्रैल तक अधिकतम लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करें।
इस समीक्षा बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी, समस्त एसडीएम, बीडीओ, लेखपाल, उप कृषि निदेशक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस मेगा योजना से उम्मीद है कि जिले के सभी किसानों को समय पर रजिस्ट्री का लाभ मिल सकेगा और उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
