पूर्वांचल की तकदीर बदलने की तैयारी: देवरिया में निवेशकों का महामंथन
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।पूर्वांचल के विकास को नई गति देने और जनभागीदारी आधारित मॉडल को मजबूत बनाने के उद्देश्य से देवरिया में आयोजित ‘अमृत प्रयास समिट’ ने निवेश के क्षेत्र में नई उम्मीदें जगाई हैं। सांसद शशांक मणि के नेतृत्व में आयोजित इस समिट में देश-विदेश के प्रमुख उद्यमियों और निवेशकों ने भाग लेकर क्षेत्रीय विकास की संभावनाओं पर गहन मंथन किया।
बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में आयोजित इस समिट में लगभग 40 प्रतिष्ठित मेहमानों की उपस्थिति रही, जिनमें विलियम बिसेल, शीतल अरोड़ा, TCS, Boston Consulting Group, PwC, Siemens और Gates Foundation जैसे बड़े नाम शामिल रहे।
अमृत प्रयास: 10 साल की रणनीति के साथ विकास का रोडमैप
समिट को संबोधित करते हुए सांसद शशांक मणि ने ‘अमृत प्रयास’ की 10 वर्षीय रणनीति साझा करते हुए कहा कि यह पहल विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्पों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी और प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूर्वांचल में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देवरिया और कुशीनगर जैसे सांस्कृतिक और पर्यावरणीय रूप से समृद्ध क्षेत्र निवेशकों के लिए संभावनाओं का केंद्र बन सकते हैं।
अमृत प्रयास के 7 संकल्प: विकास की आधारशिला समिट में ‘अमृत प्रयास’ के सात प्रमुख संकल्पों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया:
नकदी फसल और एग्रो प्रोसेसिंग को बढ़ावा
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन
महिला उद्यमिता और सशक्तिकरण
पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास
योजनाबद्ध शहरीकरण
डिजिटल उपयोग को बढ़ावा
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास
इन संकल्पों के माध्यम से एक समग्र और संतुलित विकास मॉडल तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
निवेश और रोजगार: स्थानीय इकोसिस्टम पर जोर
समिट के दौरान खासतौर पर इस बात पर चर्चा हुई कि किस तरह स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। सांसद ने बताया कि पांच विधानसभा क्षेत्रों में जनभागीदारी के जरिए मजबूत आर्थिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना बनाई गई है।
किसानों के लिए आधुनिक तकनीक, भंडारण, सस्ती क्रेडिट सुविधा और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। इससे कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाएं बनीं आकर्षण का केंद्र
समिट में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को भी प्रस्तुत किया गया, जिनमें शामिल हैं:
देवरिया अमृत रेलवे स्टेशन का विकास
देवरिया बाईपास परियोजना
नारायणी रॉकेट सेंटर
मां देवरही मंदिर का जीर्णोद्धार (सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा)
इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर गहन चर्चा
समिट के दूसरे चरण में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर विशेष चर्चा हुई। इसमें भूमि उपलब्धता, सरकारी स्वीकृतियां, प्रशासनिक सहयोग और जनभागीदारी जैसे विषय प्रमुख रहे।
‘क्लोज्ड डोर इन्वेस्टर सर्किल’ के तहत निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसमें क्षेत्र में रक्षा, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश की संभावनाओं को भी प्रस्तुत किया गया।
स्वावलंबन और उद्यमिता को मिला बढ़ावा
जागृति उद्यम केंद्र की भूमिका की सराहना करते हुए सांसद ने कहा कि यह संस्थान स्वावलंबी भारत अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है।
पूर्वांचल के लिए नई उम्मीद
‘अमृत प्रयास समिट’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि जनभागीदारी, सरकारी सहयोग और निवेशकों की भागीदारी एक साथ आए, तो देवरिया और कुशीनगर जैसे क्षेत्र विकास के नए मॉडल बन सकते हैं।
यह समिट केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पूर्वांचल के आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
