मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l मिशन शक्ति 0.5 के द्वितीय चरण और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय डुमरांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसे रोकने में योगदान देने वाले स्थानीय चैंपियनों को सम्मानित करना रहा।
कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग की हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन टीम ने छात्र-छात्राओं और ग्रामीण महिलाओं को बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कानूनन बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जिसमें शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
जागरूकता सत्र के दौरान बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में भी बताया गया। उन्हें समझाया गया कि किसी भी प्रकार के गलत व्यवहार का तुरंत विरोध करें और इसकी जानकारी जिम्मेदार लोगों को दें। इसके साथ ही महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरतमंद लोग इनका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित कई कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही वन स्टॉप सेंटर और टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 181, 112, 1098, 1090, 108 और 1076 की जानकारी भी साझा की गई।
इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक अर्चना राय, जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय और तृप्ति राय, विद्यालय की प्रधानाचार्या राजमती, स्कूल स्टाफ, छात्र-छात्राएं और ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।
