मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिले में एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। जिला सेवायोजन कार्यालय द्वारा आयोजित इस मेले में निजी कंपनियों और अभ्यर्थियों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ।
नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में आयोजित रोजगार मेले में कुल 175 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। विभिन्न शैक्षिक पृष्ठभूमि के युवाओं ने अपनी योग्यता के अनुसार कंपनियों में आवेदन किया। सुबह से ही आयोजन स्थल पर युवाओं की भीड़ देखने को मिली, जो बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर पहुंचे थे।
मेले का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें निजी क्षेत्र से जोड़ना रहा। इससे युवाओं के आत्मविश्वास में भी वृद्धि देखने को मिली।
इस आयोजन में निजी क्षेत्र की पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया। कंपनियों ने विभिन्न पदों के लिए इंटरव्यू और स्किल टेस्ट के माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन किया। कई अभ्यर्थियों का मौके पर ही इंटरव्यू लेकर चयन भी किया गया, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी।
रोजगार मेले में कुल 38 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। चयनित युवाओं को मौके पर ही नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जिससे उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी। चयनित अभ्यर्थियों ने इस पहल के लिए सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताया।
कार्यक्रम में नगर मजिस्ट्रेट मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
जिला सेवायोजन कार्यालय की ओर से इस आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई गई। जिला सेवा योजना अधिकारी अरविंद कुमार पांडे के नेतृत्व में पूरी टीम ने व्यवस्थाओं को सुचारू रखा और अभ्यर्थियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान दिया।
ऐसे रोजगार मेले युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित होते हैं, जहां उन्हें एक ही स्थान पर कई कंपनियों से जुड़ने का मौका मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस तरह के आयोजन नियमित रूप से किए जाएं, तो स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
