कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)l देश की आगामी जनगणना-2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में जनपद कुशीनगर में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हो गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के गृहमंत्रालय के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के तहत आयोजित किया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जनगणना-2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य प्रदेश में मई से जून 2026 के बीच संपादित किया जाएगा। यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और समयबद्ध है, इसलिए इससे जुड़े कर्मचारियों को तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण व्यवस्था की गई है।
प्रशिक्षण श्रृंखला का दूसरा चरण शुरू
जनपद कुशीनगर में जनगणना कार्य के लिए प्रशिक्षण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है। पहले चरण में मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया था। अब दूसरे चरण में उन्हीं प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिले में कुल 122 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाना है। ये सभी फील्ड ट्रेनर आगे चलकर गणनाकारों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना का कार्य सुचारु और सटीक तरीके से संपन्न हो सके।
16 मार्च से शुरू हुआ पहला प्रशिक्षण सत्र
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 16 मार्च 2026 से 18 मार्च 2026 तक पहले बैच के फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान क्रम संख्या 01 से 40 तक के फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया जा रहा है।
वहीं क्रम संख्या 41 से 80 तक के फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (DPRC) में आयोजित किया जा रहा है। दोनों स्थानों पर प्रशिक्षण का समय सुबह 09:30 बजे से शाम 06:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा फील्ड ट्रेनरों को जनगणना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं, डेटा संग्रहण की विधि, मकानों की गणना, डिजिटल प्रणाली के उपयोग और फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों के समाधान के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।
दूसरे चरण का प्रशिक्षण 23 मार्च से
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण में शेष फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार क्रम संख्या 81 से 120 तक के फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण 23 मार्च से 25 मार्च 2026 तक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया जाएगा।
इसी अवधि में क्रम संख्या 121 और 122 के फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (DPRC) में संपन्न होगा। इन सभी प्रशिक्षण सत्रों का समय भी सुबह 09:30 बजे से शाम 06:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
प्रशिक्षण में दी जा रही महत्वपूर्ण जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान फील्ड ट्रेनरों को जनगणना के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। इसमें मुख्य रूप से मकान सूचीकरण, परिवारों का विवरण, जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों का संग्रहण, डिजिटल डेटा एंट्री और सर्वेक्षण के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इसके अलावा प्रशिक्षुओं को यह भी बताया जा रहा है कि जनगणना के दौरान किस प्रकार प्रत्येक घर तक पहुंचकर सटीक और विश्वसनीय जानकारी एकत्रित करनी है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना का डेटा देश की विकास योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
राष्ट्रीय महत्व का कार्य
जनगणना भारत में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक प्रक्रिया है, जो देश की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, आर्थिक परिस्थितियों और आवासीय ढांचे की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही सरकार विभिन्न विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतिगत निर्णयों को लागू करती है।
इसी कारण प्रशासन इस कार्य को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने के लिए लगातार तैयारी कर रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मचारी पूरी तरह प्रशिक्षित और सक्षम हों।
समय से पहले पहुंचने के निर्देश
अपर जिलाधिकारी द्वारा सभी नामित फील्ड ट्रेनरों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने निर्धारित प्रशिक्षण स्थल पर समय से पहले पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण स्थल पर कम से कम 15 मिनट पहले उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसी प्रकार की अनुपस्थिति या लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह प्रशिक्षण जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए अनिवार्य है, इसलिए सभी संबंधित कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ इसमें भाग लेना होगा।
जनगणना की तैयारी में प्रशासन सक्रिय
कुशीनगर प्रशासन जनगणना-2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से न केवल कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी दी जा रही है बल्कि उन्हें जनगणना की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने का अवसर भी मिल रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और वे जनगणना के दौरान अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से डेटा संग्रहण कर सकेंगे।
जनपद में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में जनगणना के व्यापक कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि प्रशिक्षित टीमों के सहयोग से जनगणना-2027 का पहला चरण निर्धारित समय के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकेगा।
जनगणना 2027 की तैयारी: कुशीनगर में 122 फील्ड ट्रेनरों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
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